भारत की बेटियों ने फिर रचा इतिहास, कबड्डी में लगातार दूसरी बार जीता स्वर्ण पदक

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संवाद दाता:-सलीम जावेद 

नई दिल्ली।

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाया है। शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अपने एशियाई खेल खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।

कप्तान पुष्पा राणा की अगुवाई में भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में शानदार जुझारूपन और संयम का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा रहा और दोनों टीमों के बीच आखिरी समय तक कांटे की टक्कर देखने को मिली। दबाव के क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए महत्वपूर्ण अंक जुटाए और अंत में 37-34 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।

यह भारतीय महिला कबड्डी टीम का एशियाई खेलों में चौथा स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत ने 2010, 2014 और 2022 में महिला कबड्डी का स्वर्ण पदक जीता था। 2018 में भारतीय टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।

इस बार भारतीय टीम ने शुरुआत से ही अपने अभियान में शानदार प्रदर्शन किया। ग्रुप चरण में भारत ने बांग्लादेश को 42-21, ईरान को 37-23 और जापान को 50-25 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

सेमीफाइनल में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन की लय बरकरार रखी और फाइनल का टिकट हासिल किया। इसके बाद फाइनल में ईरान के खिलाफ टीम ने बेहतरीन सामूहिक खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला खिलाड़ियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है। स्वर्ण पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों के बीच खुशी का माहौल रहा और भारतीय तिरंगा एक बार फिर कबड्डी के मैदान पर शान से लहराया।

भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस उपलब्धि को देश के खेल जगत में महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। टीम की लगातार मेहनत, अनुशासन और एकजुट प्रदर्शन ने भारत को एशियाई खेलों में महिला कबड्डी का एक बार फिर चैंपियन बना दिया।