कजरी के सुरों में दबा विकास: विश्वनाथगंज में ‘जीरो टॉलरेंस’ पर कमीशनखोरी का बट्टा!

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PRATAPGARH
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ATUL YADAV

कजरी के सुरों में दबा विकास: विश्वनाथगंज में ‘जीरो टॉलरेंस’ पर कमीशनखोरी का बट्टा!

प्रतापगढ़

एक तरफ जहां योगी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ और विकास का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं विश्वनाथगंज विधानसभा में जमीनी हकीकत फांक रही है धूल

योगी सरकार की मंशा पर पानी फेरकर और जनता बदहाल रास्तों पर ठोकरें खाने को मजबूर है और क्षेत्रीय विधायक की सियासत केवल मंचों पर कजरी गाकर वाहवाही लूटने तक ही है सीमित

मुख्यमंत्री त्वरित योजना के तहत मांधाता नगर पंचायत (वार्ड नंबर 13, डिहवा) में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में नियमों को ताक पर रखकर खुली मची है लूट।

पुरानी ईंटों की हेराफेरी, नई सामग्री लगाने के बजाय पुरानी, जर्जर ईंटों को ही उखाड़कर साइडर वॉल में खपाया जा रहा है।

मानकों का जनाजा तय अनुपात से कम सीमेंट, घटिया मसाला और दोयम दर्जे की गिट्टी से पहली ही बारिश में बह जाने वाली सड़क तैयार की जा रही है।

अधिकारियों की चुप्पी और घटिया निर्माण पर न कोई तकनीकी जांच है और न ही जिम्मेदार अफसरों की निगरानी; जनता की गाढ़ी कमाई ठेकेदारों के मुनाफे की भेंट चढ़ रही है।

कमीशनखोरी का सिंडिकेट, पूरा सिस्टम चंद चहेते ठेकेदारों और दलालों के हवाले है, जहां रखवाले ही आंखें मूंदे बैठे हैं।

जनप्रतिनिधि मंचों पर झूठे दावों से अपनी पीठ थपथपाने में मस्त हैं, जबकि डिहवा की बदहाली यह चीख-चीख कर कह रही है कि विश्वनाथगंज में विकास नहीं, बल्कि सरकारी खजाने की खुली डकैती और बंदरबांट हो रही है।

 

मुख्यमंत्री त्वरित योजना से होना था विधानसभा विश्वनाथगंज के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास किंतु विधायक जीतलाल पटेल ने व्यक्तिगत राजनीति के लिए दो नगर पंचायतों में करोड़ों रुपए का कर दिए वारा न्यारा, ऐसे ही अन्य इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्यों पर हो रहा बंदरबांट होनी चाहिए जांच।


सवाल यह उठता है कि आखिर इसी बल पर जीरो टॉलरेंस का सपना कैसे होगा साकार जब कजरी के सुर और भ्रष्टाचार के दम से विकास के दावे तोड़ने में लगे है विधायक?

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