इंसानियत की मिसाल बनी रसड़ा मुस्लिम समाज की पहल, हादसे में मृत अरशद के परिवार को मिली ₹1.35 लाख की मदद।
संवाददाता उमाकांत विश्वकर्मा

रसड़ा (बलिया)। मुश्किल वक्त में किसी जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी साथियों और मुस्लिम समाज ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अरशद मोहम्मद के परिवार की मदद के लिए सराहनीय पहल की है।
गौरतलब है कि 13 अगस्त 2026 को रसड़ा-बलिया मार्ग पर चिलकहर पेट्रोल पंप के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में फत्तेपुर, ब्लॉक चिलकहर, जनपद बलिया निवासी अरशद मोहम्मद की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया गया कि हादसा पूर्व विधायक बैरिया सुरेंद्र नाथ सिंह के वाहन से हुआ था।
अरशद मोहम्मद गैस चूल्हा, कुकर सहित विभिन्न घरेलू उपकरण बनाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कमाने वाले सदस्य को खोने के साथ ही परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया।
ऐसे कठिन समय में रसड़ा विधानसभा के कुछ समाजसेवी साथियों ने आगे बढ़कर पीड़ित परिवार की मदद करने का संकल्प लिया। उन्होंने रसड़ा के मुस्लिम समाज के लोगों से संपर्क कर सहयोग जुटाया। इस सामूहिक प्रयास से ₹1,35,000 की नकद सहायता राशि एकत्र की गई। इसके साथ ही हजारों रुपये की खाद्य सामग्री भी जुटाकर अरशद मोहम्मद के परिवार तक पहुंचाई गई।
इस नेक पहल में जावेद अंसारी जाम, तौकीर अंसारी, बदरुद्दुजा अंसारी, बेलाल कुरैशी, प्रकाश भारती, पिंटू अंसारी, खैरुल बसर, जमशेद राईन, मोहम्मद आमिर सहित अन्य साथियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
सहयोग राशि और खाद्य सामग्री मिलने से संकट की घड़ी में परिवार को कुछ आर्थिक सहारा मिला। समाजसेवियों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और इंसानियत का फर्ज है।
रसड़ा मुस्लिम समाज और समाजसेवी साथियों की यह पहल भाईचारे, संवेदना और मानवीय सरोकारों की खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आई है। हादसे के बाद परिवार पर आई विपत्ति के बीच जिस तरह समाज के लोगों ने एकजुट होकर मदद का हाथ बढ़ाया, वह निश्चित रूप से समाज को सकारात्मक संदेश देता है।
संदेश साफ है—मुश्किल वक्त में किसी जरूरतमंद का हाथ थाम लेना ही इंसानियत की सबसे बड़ी पहचान है।




