बलिया: जमीनी विवाद में जानलेवा हमला, सपा नेता के भाई समेत कई नामजद आरोपियों पर FIR दर्ज।
संपादकीय रिपोर्ट

बलिया। जनपद बलिया के थाना रसड़ा क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर दबंगों द्वारा एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने और रंगदारी/समझौते का दबाव बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित अवधेश सिंह (पुत्र स्व. अमरनाथ सिंह, निवासी कोदई, थाना नगरा) की तहरीर पर पुलिस ने सपा नेता के भाई भीम सिंह, अखिलेश यादव समेत कई नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
प्राथमिकी के अनुसार, घटना 22 अगस्त 2026 की है। पीड़ित अवधेश सिंह तहसील के कार्य से रसड़ा गए हुए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे तहसील परिसर में अखिलेश यादव (पुत्र सुदर्शन यादव) और सपा नेता मान सिंह के भाई भीम सिंह ने उनसे मुलाकात की। आरोप है कि भीम सिंह ने अवधेश सिंह पर उनकी पुश्तैनी जमीन को 2 करोड़ 20 लाख रुपये में अखिलेश यादव के नाम करने तथा चल रहे मुकदमे की पैरवी छोड़ने का दबाव बनाया। इसके बदले पीड़ित को 50 लाख रुपये देने की पेशकश की गई। जब अवधेश सिंह ने अपनी पुश्तैनी जमीन देने और मुकदमा छोड़ने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उन्हें रास्ते में देख लेने की गंभीर धमकी दी।तहसील से काम निपटाकर जब अवधेश सिंह ई-रिक्शा से अपने घर वापस लौट रहे थे, तभी रसड़ा-नगरा मार्ग पर राघोपुर से आगे अठिला सड़क के पास पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने उन्हें घेर लिया।मौके पर 4-5 मोटरसाइकिलों और ‘युवा शक्ति’ लिखी एक काले रंग की स्कॉर्पियो से आए दबंगों ने ई-रिक्शा को जबरन रुकवा लिया। आरोपियों ने ललकारते हुए अवधेश सिंह को ई-रिक्शा से बाहर घसीट लिया और जान से मारने की नीयत से लोहे की राड एवं डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।आरोप है कि अखिलेश यादव और भीम सिंह ने हाथों में रिवॉल्वर निकाल ली, जिससे मौके पर कोई बचाव के लिए न आ सके। पीड़ित को मरा हुआ समझकर आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए।इस भीषण हमले में अवधेश सिंह के सिर व पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं तथा उनके हाथ और पैर टूट गए हैं। पीड़ित के पुत्र विराट (जो ई-रिक्शा में साथ मौजूद था) ने स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें नगरा अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मऊ सदर अस्पताल के लिए रिफर कर दिया।रसड़ा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर FIR No. 0279/2026 दर्ज कर ली है। भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया है:
दर्ज धाराएं: 191(2), 191(3) [बलवा/घातक हथियारों से बलवा], 115(2) [स्वेच्छा से चोट पहुंचाना], 352 [शांति भंग करने के इरादे से अपमान], 351(3) [आपराधिक धमकी], 109(1) [हत्या का प्रयास], 110 [गंभीर चोट पहुंचाना], एवं 117(2)। उपनिरीक्षक (SI) कन्हैया यादव को मामले की जांच सौंपी गई है। जिसमें मुख्य आरोपी अखिलेश यादव (पुत्र सुदर्शन यादव, निवासी- बछईपुर, नगरा),भीम सिंह (निवासी- बलिया),अभिषेक खरवार उर्फ तेजस (पुत्र भारतेन्द्र खरवार),वंशी गुप्ता (पुत्र अखीला नन्द),जयप्रकाश यादव,सरवन गुप्ता,संजय सिंह,विक्की,विपुल सिंह (पुत्र शेषनाथ सिंह),सुनील गुप्ता एवं 7-8 अन्य अज्ञात व्यक्ति।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।




