भूमि विवाद में महिला व पिता पर हमला, काली मंदिर में शरण लेने को मजबूर। उच्च अधिकारियों से लगा रही है न्याय की गुहार नहीं हो रही है कोई सुनवाई।

CRIME स्थानीय समाचार

भूमि विवाद में महिला व पिता पर हमला, काली मंदिर में शरण लेने को मजबूर। उच्च अधिकारियों से लगा रही है न्याय की गुहार नहीं हो रही है कोई सुनवाई।

 

जनपद बलिया के रसड़ा क्षेत्र अंतर्गत थाना नगरा के ग्राम हसनपुर उर्फ बच्चईपुर बरियारपुर में पारिवारिक भूमि विवाद को लेकर दबंगों द्वारा एक महिला व उसके परिवार पर हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता सुनीता यादव पुत्री श्याम नारायण यादव ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर न्याय व सुरक्षा की गुहार लगाई है।

 

पीड़िता के अनुसार वह दो बहनों में बड़ी है और परिवार में कोई भाई नहीं है। माता की मृत्यु हो चुकी है तथा पिता की देख-रेख के लिए वह मायके में रहती है। दिनांक 11 दिसंबर 2025 को पति की तबीयत खराब होने के कारण वह अपने ससुराल पिपरा कला, थाना खेजुरी चली गई थी। जाते समय उसने अपनी छोटी बहन कविता को घरेलू खर्च हेतु ₹10,000 दिए थे।

 

इसी दिन शाम लगभग 5:30 बजे, पिता की संपत्ति हड़पने की नीयत से चाचा हरिंद्र यादव, पूर्व ग्राम प्रधान नंदू यादव, कोटेदार श्यामलाल यादव सहित कई नामजद व चार अज्ञात लोगों ने एकराय होकर घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए घर में घुसकर कविता के साथ मारपीट की और घर में रखा सामान, जेवरात, कपड़े व बर्तन लूट लिए। शोर मचाने पर ग्रामीणों के पहुंचने से कविता की जान बच सकी।

 

पीड़िता का आरोप है कि जाते समय हमलावरों ने जान से मारने की धमकी दी और ₹10,000 भी छीन लिए। इसके बाद कविता को घर से बाहर निकालकर मकान में ताला बंद कर दिया गया। वर्तमान में सुनीता यादव, उनकी बहन और वृद्ध पिता पिछले पाँच दिनों से गांव के बाहर काली मंदिर में रात बिताने को मजबूर हैं।

 

पीड़िता ने थाना नगरा और पुलिस अधीक्षक बलिया को शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि एक आरोपी का पुत्र पुलिस विभाग में कार्यरत होने के कारण कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने आशंका जताई है कि किसी भी समय तीनों की हत्या की जा सकती है।

 

मुख्यमंत्री से मामले का स्वतः संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है।