दूसरे पक्ष को बिना सूचना दिए भूमिधारी मे रास्ता देने पहुंचे तहसीलदार

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बिना सूचना के पैमाइश, निजी भूमि (भूमिधरी ) मे रास्ता देने पर दबाव पर तहसील प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
बहरियाबाद गाज़ीपुर
बिना किसी विपक्ष को सूचना दिए किसी की भूमि में पैमाइश कर प्रभावशाली व्यक्तियों के पक्ष में आम रास्ता देना न्यायोचित नहीं है ऐसे ही एक मामला सादात ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत उकीराव का प्रकाश में आया जिसमें तहसीलदार जखनिया व भारी पुलिस बल के साथ मौके पर रास्ता दिलवाने के लिए उपस्थित हुए जबकि इसकी जानकारी विपक्षी को नहीं थी पूछे जाने पर विपक्ष द्वारा बताया गया कि मेरी जमीन जो कागजात में भूमिधर कायमहै जो मौके पर रखवा काम है इसके लिए मामला न्यायालय में बिचाराधीन होने के बाद प्रतिवादी का कहना है तहसील प्रशासन जबरदस्ती धमका कर मेरे भूमंडली की जमीन में आम रास्ता खुलवाने पर आमादा थी तथा निजी भूमधारी भूमि से रास्ता उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जल्दबाजी दिखाई गई पीड़ित पक्ष का कहना है जब भूमि निजी स्वामित्व की है और विवादित मामले में संबंधित पक्षों को विदेश सूचना देना आवश्यक है तो बिना सूचना एवं स्पष्ट आदेश के मौके पर पैमाइश करने का अचित क्या है इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं पीड़ित पक्ष में उच्च अधिकारियों से पूरे मामले के निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किसी आदेश अथवा अधिकार के तहत किस अधिकार से निजी भूमि धरी पर किस अधिकार से रास्ता खोलने का प्रयास किया गया