रिपोर्ट- नीरज शुक्ला (रामनगर बाराबंकी)
न्यू सहारा हॉस्पिटल में कथित चिकित्सीय लापरवाही के मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर पीड़ित पक्ष ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पुनः प्रार्थना-पत्र सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के पिता अजय पांडेय का आरोप है कि उन्होंने पूर्व में भी साक्ष्यों सहित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विभागीय जांच के बावजूद मामले में अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है, जबकि उनकी पुत्री का उपचार अभी भी जारी है।
शिकायत के अनुसार, उनकी पुत्री शालू पांडेय को 2 मार्च को प्रसव के लिए न्यू सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 5 मार्च को ऑपरेशन के माध्यम से बच्ची का जन्म हुआ और 13 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद लगातार पेट दर्द, बुखार एवं पेशाब में जलन की शिकायत बनी रही। आरोप है कि 19 मई को पेशाब के रास्ते कॉटन (गॉज) का एक बड़ा टुकड़ा बाहर निकलने के बाद चिकित्सीय लापरवाही का मामला उजागर हुआ।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते गॉज बाहर नहीं निकलता तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सकों एवं संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी तथा विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




