संवाद दाता:-सलीम जावेद
वाराणसी। आज दिनांक 01.08.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद सीमा क्षेत्र गुड़िया बॉर्डर (कछवां रोड) से लहरतारा तक प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्ग, यातायात व्यवस्था, पुलिस सहायता केंद्रों, बैरिकेडिंग, संवेदनशील स्थलों एवं भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश। दिए। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रयागराज से मोहनसराय तक कांवड़ियों के लिए समर्पित लेन, सभी प्रमुख कटों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्रों की सुदृढ़ व्यवस्था, पुलिस सहायता केंद्रों, विश्राम एवं चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, प्रत्येक चार किलोमीटर पर पीआरवी एवं फैंटम टीम की तैनाती तथा डीजे संचालन को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिकारियों को श्रावण मास प्रारंभहोने से पूर्व समस्त व्यवस्थाएँ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण कर निरंतर फील्ड में रहकर सतत निगरानी एवं त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था/मुख्यालय श्री शिवहरि मीणा, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन श्रीमती नीतू, अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन श्री नृपेन्द्र कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात श्री अंशुमान मिश्रा, सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे ।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थापित अस्थायी पुलिस सहायता केंद्रों, विश्राम स्थलों एवं चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. दुर्घटनाओं पर लगेगा पूर्ण विराम, सभी कटों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुर्घटनाओं एवं अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए सभी कटों पर जिग-जैग बैरिकेडिंग लगाई जाएगी तथा सभी अवैध कट तत्काल बंद कराए जाएंगे।
4. खोया-पाया केंद्र और स्मार्ट बैरिकेडिंग से मिलेगी त्वरित सहायता भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्रमुख स्थलों पर व्यवस्थित बैरिकेडिंग, खोया-पाया केंद्र एवं सूचना सहायता व्यवस्था स्थापित की जाएगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।
5. हर चार किलोमीटर पर पीआरवी और फैंटम की तैनाती पूरे कांवड़ मार्ग पर प्रत्येक चार किलोमीटर की दूरी पर पीआरवी अथवा फैंटम टीम चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
6. डीजे संचालन पर रहेगी कड़ी निगरानी कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे संचालन केवल माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही होगा। डीजे की ऊंचाई, संरचना एवं सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से पालन कराया जाएगा तथा उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
7. श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, अधिकारी रहेंगे
लगातार फील्ड में श्रावण मास के दौरान प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन की व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित करेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाएगा।




