नेशनल खबर 9 के लिए आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश महामंत्री शशि प्रकाश राय का निधन, राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर
भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष और शिब्ली नेशनल कॉलेज के पूर्व उपाध्यक्ष रहे शशि प्रकाश राय, सामाजिक कार्यों में भी निभाते थे सक्रिय भूमिका
आजमगढ़ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश महामंत्री एवं भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शशि प्रकाश राय का शुक्रवार शाम 6:30 बजे आजमगढ़ में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को संगठन और समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। वह मूल रूप से आजमगढ़ जनपद के भीमबर मठिया गांव के निवासी थे और काफी समय से आजमगढ़ में रह रहे थे। निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाया गया।
शशि प्रकाश राय एक सक्रिय, मिलनसार और संगठन के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों के अधिकारों, हितों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर वह हमेशा सक्रिय रहते थे। संगठन के प्रदेश महामंत्री के रूप में उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदेश के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी उनका व्यापक संपर्क था, जिसके चलते संगठनात्मक क्षेत्र में उनकी अलग पहचान बनी हुई थी।
राजनीतिक क्षेत्र में भी शशि प्रकाश राय की सक्रिय भूमिका रही। वह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रह चुके थे। इसके अलावा शिब्ली नेशनल कॉलेज, आजमगढ़ के उपाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया था। राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के बावजूद उनका जुड़ाव आम लोगों से बना रहता था। वह लोगों के सुख-दुख में शामिल होते और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।
उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता उनका सरल स्वभाव, आत्मीय व्यवहार और लोगों के साथ मजबूत संबंध था। संगठन के कार्यकर्ताओं से लेकर सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तक, सभी के साथ उनका सहज जुड़ाव रहता था। अपने मिलनसार व्यवहार और संगठनात्मक क्षमता के कारण उन्होंने लोगों के बीच सम्मान अर्जित किया था। उनके निधन से उन लोगों को गहरा आघात पहुंचा है, जो लंबे समय से उनके साथ सामाजिक, राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यों में जुड़े रहे।
शशि प्रकाश राय अपने पीछे पत्नी और दो पुत्रों आलोक तथा अभिनव सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, सहयोगियों और संगठन से जुड़े लोगों में शोक व्याप्त हो गया। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शशि प्रकाश राय का निधन केवल एक व्यक्ति का बिछुड़ना नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों के हितों और सम्मान के लिए सक्रिय रहने वाले एक समर्पित संगठनात्मक कार्यकर्ता का अवसान है। उनके योगदान, सरल व्यवहार और सामाजिक सरोकारों को लंबे समय तक याद किया जाएगा। शोकाकुल लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।




