अभियोजन विभाग ने कहा की बेटियां हों जागरूक, हर मुश्किल होंगी दूर; शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों से ही सशक्त बनेगा उनका भविष्य”

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नेशनल खबर 9 से यूपी हेड रिंकू सिंह

 

“बेटियां हों जागरूक, हर मुश्किल से होंगी दूर; शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों से ही सशक्त बनेगा भविष्य”

 

मिशन शक्ति फेज-6 के तहत अभियोजन विभाग ने छात्राओं को किया जागरूक, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय

 

आजमगढ़। जब बेटियां अपने अधिकारों को पहचानेंगी, तभी समाज में सुरक्षा की नई किरण जगमगाएगी। जब बेटियों के कदमों में आत्मविश्वास होगा, तो मुश्किलों के आगे भी उनकी हिम्मत नहीं डगमगाएगी। इसी उद्देश्य को लेकर शनिवार को सगड़ी तहसील क्षेत्र के छपरा सुल्तानपुर स्थित पीएनसी मेमोरियल स्कूल परिसर में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत अभियोजन विभाग एवं जीयनपुर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने जागरूकता कार्यक्टी आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्राओं और महिला अध्यापकों को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, साइबर अपराध से बचाव तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर निदेशक अभियोजन, आजमगढ़ सुभाष ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इस दौरान अभियोजन अधिकारी नवनीत कुमार त्रिपाठी, सहायक अभियोजन अधिकारी कृष्ण मुरारी राय, सहायक अभियोजन अधिकारी संतोष यादव तथा वरिष्ठ पत्रकार रिंकू सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

बेटियों को बताया—डरना नहीं, अपने अधिकारों के लिए आगे बढ़ना है

 

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अभियोजन विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार अथवा असुरक्षा की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने परिजनों, शिक्षकों और पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

अधिकारियों ने छात्राओं को समझाया कि आत्मविश्वास उनकी ताकत है, जागरूकता उनकी ढाल है और कानून उनकी सुरक्षा का मजबूत आधार है। किसी भी अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते शिकायत करना आवश्यक है, ताकि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

 

वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, अनजान लिंक, संदिग्ध फोन कॉल और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से होने वाले खतरों के प्रति सतर्क किया गया। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी-सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी अथवा निजी तस्वीरें साझा नहीं करनी चाहिए।

छात्राओं को यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में संबंधित विभाग को सूचना दें। जागरूकता ही साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करने का प्रभावी माध्यम है।

जीयनपुर पुलिस टीम ने दी सुरक्षा और हेल्पलाइन की जानकारी

जीयनपुर कोतवाली प्रभारी संजय सिंह तथा चौकी इंचार्ज इमलिया अमित तिवारी के नेतृत्व में एसआई लक्ष्मी शुक्ला और महिला आरक्षी अर्चना कुशवाहा, संजना राय, अंजली यादव एवं शिवानी ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। पुलिस टीम ने आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने, शिकायत दर्ज कराने तथा संबंधित हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से पुलिस तक अपनी बात पहुंचाने की प्रक्रिया समझाई।

 

पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को बताया कि संकट की घड़ी में घबराने के बजाय साहस और समझदारी से काम लेना चाहिए। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल सहायता मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, शिकायत की प्रक्रिया और कानूनी सहायता सहित छह प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई।

 

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रबंधक आरएन सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से उपस्थित अतिथियों एवं अधिकारियों को माला पहनाकर और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव के संबंध में दी गई जानकारियों को उपयोगी बताया।

 

विद्यालय प्रबंधक आरएन सिंह ने कहा कि आज के समय में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी देना बेओर आवश्यक है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम प्रत्येक विद्यालय में आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे छात्र-छात्राएं किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना समझदारी और आत्मविश्वास के साथ कर सकें। उन्होंने इस अभियान के लिए अभियोजन विभाग, जीयनपुर कोतवाली पुलिस तथा चौकी इंचार्ज इमलिया अमित तिवारी की संयुक्त टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहाबेटियों को केवल सुरक्षित वातावरण देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। मिशन शक्ति फेज-6 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास जगाना, उन्हें कानूनी अधिकारों की जानकारी देना और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम बनाना रहा।

 

“जागरूकता की ज्योति हर बेटी के मन में जलानी है,

डर और अन्याय की दीवार को मिलकर गिरानी है।

शिक्षा, साहस और अधिकारों से सजे बेटियों का संसार,

सुरक्षित समाज के निर्माण में यही है सबसे बड़ा आधार।”