NH-27 पर सड़क कटिंग और गड्ढों से हादसे का बढ़ा खतरा, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

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संवाददाता : धीरेन्द्र पाण्डेय
बस्ती । घघौवा से लेकर बस्ती मुख्यालय तक नेशनल हाईवे-27 पर जगह-जगह सड़क की स्थिति राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क को काटकर अधूरा छोड़ दिए जाने, गड्ढों और जलभराव के कारण तेज रफ्तार वाहनों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे पर टोल वसूली लगातार जारी है, लेकिन सड़क की मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों को लेकर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। सड़क काटने के बाद कई स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं होने से रात के समय खतरा और बढ़ जाता है।

तेनुआ के पास टूटी सड़क बनी चिंता का कारण

तेनुआ के पास सड़क की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सड़क पर बने गड्ढों और टूटे हिस्सों के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं, इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक सामने आने वाले गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकते हैं।

हर्रैया अंडरपास में जलभराव से बढ़ी परेशानी

हर्रैया के अंडरपास की स्थिति भी बारिश के दौरान राहगीरों के लिए मुसीबत बन रही है। सड़क के गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक सवारों के गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है।

सड़क कटिंग के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

लोगों का सवाल है कि यदि निर्माण या मरम्मत कार्य के लिए हाईवे को काटा जा रहा है तो उसके बाद मौके पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित की जा रही है। उनका कहना है कि हाईवे पर चलने वाले वाहनों की गति को देखते हुए मामूली लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जहां निर्माण कार्य चल रहा है वहां मानक के अनुरूप सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।

निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल

एनएचएआई की देखरेख में जहां सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य चल रहा है, वहां काम की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही हिस्से टूटने लगें तो इसकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए। सेवा प्रदाता कंपनी के शशांक पाण्डेय के अनुसार, बरसात के दौरान सड़क के क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आती रहती है। हालांकि, सवाल यह है कि बारिश के कारण सड़क टूटने की स्थिति में तत्काल मरम्मत और दुर्घटना रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था कितनी तेजी से लागू की जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय जिम्मेदार विभाग तत्काल संज्ञान लेकर NH-27 के क्षतिग्रस्त हिस्सों, गड्ढों और जलभराव वाले स्थानों को दुरुस्त कराएं। साथ ही निर्माणाधीन हिस्सों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि हाईवे राहगीरों के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।