निबिहवा में बाढ़ पीड़ित संगठन ने निकाली पैदल यात्रा, विभिन्न मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

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नेशनल खबर 9 से आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय

निबिहवा में बाढ़ पीड़ित संगठन ने निकाली पैदल यात्रा, विभिन्न मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के हरैया ब्लॉक अंतर्गत निबिहवा में रविवार दोपहर बाढ़ पीड़ित संगठन के तत्वाधान में विभिन्न मांगों को लेकर पैदल यात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने निबिहवा ढाला सहित आसपास के क्षेत्रों में पैदल भ्रमण कर शासन-प्रशासन से देवारा क्षेत्र की वर्षों पुरानी बाढ़ और कटान की समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग उठाई।

पैदल यात्रा में बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ित संगठन के पदाधिकारी, सदस्य एवं स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “इंकलाब जिंदाबाद”, “हमारी मांगें पूरी करो” सहित विभिन्न नारे लगाकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के माध्यम से संगठन ने शासन और प्रशासन का ध्यान देवारा क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष उत्पन्न होने वाली बाढ़ एवं कटान की गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। वही तत्पश्चात संगठन के लोगों ने बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करते हुए अपने-अपने सुझाव साझा किए।बाढ़ पीड़ित संगठन के सचिव राजीव मिश्रा ने कहा कि देवारा क्षेत्र के लोग लंबे समय से बाढ़ और कटान की समस्या का सामना कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ ही बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है और कई स्थानों पर कटान के कारण लोगों की कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित हो जाती है। इससे किसानों और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि देवारा क्षेत्र में बाढ़ और कटान की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए तथा नदी की गहराई और सफाई का कार्य प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से कराया जाए।

उन्होंने कहा कि देवारा क्षेत्र के ग्रामीण आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे में शासन-प्रशासन को क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए। वहीं संगठन से जुड़े जगरोपन यादव ने कहा कि घाघरा नदी के बहाव को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि घाघरा नदी को निर्धारित सीमा के भीतर बहाया जाए तथा दक्षिणी किनारे पर मजबूत कंक्रीट बांध का निर्माण कराया जाए। उनका कहना था कि यदि नदी के किनारों को मजबूत कर जलधारा को व्यवस्थित किया जाए तो देवारा क्षेत्र के लोगों को हर वर्ष आने वाली प्रलयकारी बाढ़ और कटान से काफी हद तक राहत मिल सकती है। इस अवसर पर बांकेलाल निषाद, सुरेश, राममिलन, अशोक, आनंद, गुड्डू, रमेश सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, सदस्य एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।