एटा में एंबुलेंस गायब इमरजेंसी सिस्टम बदहाल है – बडा सवाल!

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संवाददाता : सत्यवान सिंह चौहान
एटा। सिर से बहता खून… कांपता शरीर… सड़क पर जिंदगी-मौत से जंग और एंबुलेंस गायब! जिला मुख्यालय से महज 1 किलोमीटर दूर रेलवे रोड पर इंद्रप्रस्थ होटल के पास एक गंभीर घायल व्यक्ति सड़क पर तड़पता रहा। सिर से लगातार खून बह रहा था, शरीर बुरी तरह कांप रहा था और हालत नाजुक थी। राहगीर मनीष ने सूचना दी तो 112 पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन घायल को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस का इंतजार खत्म नहीं हुआ, 10 मिनट… 20 मिनट… 30 मिनट… करीब 45 मिनट! एंबुलेंस नहीं आई तो आखिरकार पुलिसकर्मियों को ऑटो रिक्शा को ही एंबुलेंस बनाना पड़ा। घायल को ऑटो से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार शुरू हुआ।
अब सबसे बड़ा सवाल
क्या सरकारी एंबुलेंस सेवा इतनी बेबस है कि सिर से खून बहते मरीज के लिए ऑटो ही आखिरी सहारा बन जाए? और अगर 112 पुलिस समय पर पहुंच सकती है, तो स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस क्यों नहीं? इमरजेंसी में हर मिनट कीमती है… क्योंकि मौत किसी एंबुलेंस का इंतजार नहीं करती !