आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट
“जिन हाथों ने बच्चों को कलम पकड़ना सिखाया,आज उन्हीं गुरुओं को समाज ने सिर आंखों पर बिठाया…”
पटवध सरैया शिव मंदिर परिसर में सजा सम्मान और संस्कार का अद्भुत संगम
कौशल राय और अशोक राय ने रिटायर्ड अध्यापकों को दिया भावुक सम्मान
आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज विकासखंड अंतर्गत सरिया स्थित शिव मंदिर प्रांगण में ज्येष्ठ माह के मंगल दिवस पर ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जहां भक्ति, सम्मान और संस्कार एक साथ नजर आए। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य भंडारे और रिटायर्ड अध्यापकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य आयोजक कौशल कुमार राय और अशोक कुमार राय रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अखिलेश कुमार सिंह तथा वरिष्ठ शिक्षक रामकरन राय द्वारा हनुमान जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंत्रोच्चार और भक्ति की मधुर ध्वनि के बीच सुबह से शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चलता रहा, जहां लगभग 2000 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सम्मान समारोह में लगभग 52 सेवानिवृत्त अध्यापकों और उपस्थित पत्रकारों को अंगवस्त्रम, मोमेंटो और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर कई शिक्षकों की आंखें नम हो गईं। माहौल ऐसा था मानो वर्षों की तपस्या को समाज प्रणाम कर रहा हो।
इस दौरान किसी ने ठीक ही कहा,
“जो खुद जलकर रोशनी का पैगाम देते हैं,
वही शिक्षक बच्चों को मुकाम देते हैं…”
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने कौशल राय और अशोक राय की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में जहां लोग अपने गुरुओं को भूल जाते हैं, वहीं इन दोनों भाइयों ने शिक्षकों के सम्मान को एक नई पहचान दी है।
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब कौशल कुमार राय ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। गीत की पंक्तियों ने हर दिल को छू लिया और पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।
इस मौके पर शिक्षकों ने कहा,
“शिक्षक वो दीप है जो खुद अंधेरों में रहकर,
दूसरों की जिंदगी में उजाला भर देता है…”
कार्यक्रम में सुरेश्वरी दत्त उपाध्याय, शिवानंद पांडे, शर्मानंद पांडे, श्रीकांत पांडे, श्रवण राय, उमेश राय,अभय राय ,श्याम राय, गौरव राय, हरिकेश गुप्ता, रविंद्र यादव, अजय राय, मान राय, गामा राय, वेदवान दुबे सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




