संवाददाता : सत्यवान सिंह चौहान
फिरोजाबाद। सुहाग नगरी फिरोजाबाद शहर के चूड़ी पकाई श्रमिकों के लिए एक अच्छी खबर है. प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ऐसे श्रमिकों की मजदूरी में 15 फीसदी बढोत्तरी करने का निर्णय लिया गया है. यानी कि किसी मजदूर को अब तक 100 रुपये प्रति तोड़ा के हिसाब से मजदूरी मिलती थी तो अब उसे 115 रुपये मिलेंगे. बढ़ी हुयी मजदूरी का लाभ पकाई भट्टियों में काम करने वाले लगभग 1000 श्रमिकों को मिलेगा। सहायक श्रम आयुक्त यशवंत सिंह द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक गुरुवार को इस संबंध में एक बैठक का भी आयोजन किया गया था जिसमें श्रमिक और पकाई भट्टी मालिक मौजूद रहे। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन और श्रम विभाग के प्रयासों से पकाई चूड़ी श्रमिकों और कारखाना स्वामियों के बीच लंबे समय से चला आ रहा वेतन विवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाप्त हो गया है. श्रम कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच लगातार चली चार घंटे की मैराथन वार्ता के बाद एक महत्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ। इसके मुताबिक पकाई चूड़ी श्रमिकों के वेतन में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी. श्रमिकों के लिए कारखानों में रेस्ट रूम (विश्राम कक्ष) की व्यवस्था की जाएगी. श्रमिकों को पेंशन और बीमा की योजनाओं से कवर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.कारखाना मालिकों की ओर से सभी पकाई श्रमिकों को पहचान पत्र प्रदान किए जाएंगे। जिले में हील वाली और सोने की परत वाली पारंपरिक चूड़ियां बनाने वाली लगभग 36 पकाई भट्टियां संचालित हैं, जिनमें करीब एक हजार श्रमिक कार्यरत हैं. पिछले पांच वर्षों से वेतन न बढ़ने के कारण लगभग 300 श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग रखी थी. इस संबंध में पूर्व में दो जून और 17 जून को भी वार्ताएं आयोजित की जा चुकी थीं, जिसके बाद गुरुवार को अंतिम रूप से सहमति बनी। बैठक में भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष रमाकांत के नेतृत्व में श्रमिक प्रतिनिधि सुरेश, छत्रपाल और सुल्तान सिंह शामिल हुए। वहीं मालिक पक्ष की ओर से अरविंद, बनवारी लाल, फिरोज खान और मोहम्मद मुअज्जम (इंडिया ग्लास आदि के संचालक) उपस्थित रहे। सहायक श्रम आयुक्त ने यह भी बताया कि अभी तक अकुशल और कुशल श्रमिकों को 92 रुपये से लेकर 125 रुपये तक पारश्रमिक मिलता था और श्रमिक 500 से लेकर 600 रुपये तक कमा लेते थे.इस फैसले के बाद मजदूरों की मजदूरी 15 फीसदी तक बढ़ जायेगी।




