पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी, श्री मोहित अग्रवाल से IPS-78RR प्रोबेशनर्स (2025 बैच) के 21 प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। संवाद के दौरान पुलिस आयुक्त महोदय ने अपने व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर उत्कृष्ट पुलिसिंग, नेतृत्व क्षमता, जनसरोकार एवं निष्पक्ष कानून-व्यवस्था के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किये

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संवाद दाता:-सलीम जावेद 

वाराणसी। दिनांक 04.08.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल से Study-Cum-Cultural Tour के अंतर्गत आयोजित Basic Course Training के क्रम में IPS-78RR प्रोबेशनर्स (2025 बैच) के 21 प्रशिक्षु अधिकारियों (17 पुरुष एवं 04 महिला अधिकारी) ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त महोदय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उन्हें कमिश्नरेट वाराणसी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, आधुनिक एवं तकनीक-आधारित पुलिसिंग, प्रभावी नेतृत्व, जनोन्मुख पुलिस व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था प्रबंधन के विविध आयामों से अवगत कराया। अपने दीर्घ प्रशासनिक एवं फील्ड के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि “प्रशिक्षण सेवा जीवन का स्वर्णिम काल होता है, जिसमें आत्मबल, साहस, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं ज्ञान की सुदृढ़ नींव रखी जाती है।” उन्होंने वाराणसी जैसे धार्मिक, सांस्कृतिक एवं अत्यंत संवेदनशील जनपद में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, VVIP सुरक्षा, डायल-112, जल पुलिस, पर्यटक पुलिस, साइबर अपराध नियंत्रण, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली तथा अत्याधुनिक CCTV निगरानी प्रणाली की कार्यप्रणाली से प्रशिक्षु अधिकारियों को परिचित कराया। साथ ही भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, सत्यनिष्ठा, नैतिकता एवं जनविश्वास को एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी की पहचान बताते हुए सदैव संवेदनशील, निष्पक्ष एवं उत्तरदायी पुलिसिंग अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में पुलिस आयुक्त महोदय ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ सामूहिक भोजन किया, स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनके उज्ज्वल एवं सफल सेवा जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध श्री आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त काशी श्री गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त वरूणा जोन श्री प्रमोद कुमार, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन श्रीमती नीतू, पुलिस उपायुक्त यातायात श्री अनिल कुमार यादव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

प्रशिक्षण सेवा जीवन का स्वर्णिम काल होता है। इसी अवधि में आत्मबल, साहस, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं ज्ञान की सुदृढ़ नींव रखी जाती है, जो एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी के व्यक्तित्व का आधार बनती है।” – पुलिस आयुक्त । 

Study-Cum-Cultural Tour के अंतर्गत आयोजित Basic Course Training के क्रम में IPS-78RR प्रोबेशनर्स (2025 बैच) के 21 प्रशिक्षु अधिकारियों (17 पुरुष एवं 04 महिला अधिकारियों) ने पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी, श्री मोहित अग्रवाल से शिष्टाचार भेंट की। इस भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को विभिन्न राज्यों की प्रोफेशनल पुलिसिंग, सांस्कृतिक विरासत एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।

इस अवसर पर पुलिस आयुक्त महोदय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उन्हें कमिश्नरेट वाराणसी की कार्यप्रणाली, आधुनिक पुलिसिंग, नेतृत्व क्षमता, जनसेवा एवं कानून-व्यवस्था के प्रभावी प्रबंधन

संवेदनशीलता, निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा एवं जनविश्वास अर्जित करने की क्षमता ही उसे उत्कृष्ट बनाती है।

संवाद के दौरान निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई -कमिश्नरेट वाराणसी की प्रशासनिक संरचना, कार्यप्रणाली एवं आधुनिक पुलिसिंग मॉडल का विस्तृत परिचय देते हुए यातायात प्रबंधन, डायल-112, जल पुलिस, पर्यटक पुलिस, तकनीकी रूप से सशक्त SOG एवं सर्विलांस टीम, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली, अत्याधुनिक CCTV कंट्रोल रूम तथा VVIP सुरक्षा व्यवस्था की कार्यशैली से अवगत कराया।

विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील, सतर्क एवं मानवीय पुलिसिंग सर्वोपरि है।

श्रावण मास, देव दीपावली तथा महाकुम्भ जैसे विशाल आयोजनों के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की स्थिति में प्रभावी भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन एवं सुगम दर्शन व्यवस्था के सफल संचालन के अनुभव

अपराधियों से एक कदम आगे सोचने की क्षमता विकसित करनी होगी। प्रशिक्षण अवधि को भावी सेवा जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीख बताते हुए विभिन्न जनपदों एवं पुलिस इकाइयों में प्राप्त अनुभवों को भविष्य की जटिल चुनौतियों का मजबूत आधार बताया।

पुलिस सेवा को जनसेवा का सर्वोच्च माध्यम बताते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक अधिकारी जनता के प्रति सहज, सुलभ, संवेदनशील एवं उत्तरदायी व्यवहार अपनाए।

भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं सशक्त पैरवी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

ईमानदारी, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा एवं सत्यनिष्ठा को एक आदर्श पुलिस अधिकारी की वास्तविक पहचान बताते हुए स्वयं को निरंतर सीखने, परिष्कृत करने एवं समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर पुलिस आयुक्त महोदय ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ सामूहिक भोजन किया तथा स्मृति-चिह्न मोमेंटो) प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अध्ययन भ्रमण एवं प्रशिक्षण भविष्य में उन्हें एक सक्षम, संवेदनशील, निष्पक्ष एवं जनोन्मुख