नेशनल खबर 9 के लिए अजमतगढ़ रिपोर्टर बाबू प्रमोद कुमार सिंह
पत्रकारों के सम्मान से बढ़ता है जनसेवा का हौसला, रिंकू सिंह व बबलू राय को अंगवस्त्रम व डायरी-पेन भेंट कर किया सम्मान
भटौली इब्राहिमपुर/आजमगढ़। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। समाज की समस्याओं को सामने लाने और आमजन की आवाज को जिम्मेदार अधिकारियों एवं शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी भावना के साथ रविवार को अखिलेश सिंह, बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट, न्याय पीठ बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) आजमगढ़ ने गांव भटौली इब्राहिमपुर स्थित आवास पर पहुंचकर चाणक्य इंडिया टीवी न्यूज चैनल के आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड भास्कर सिंह उर्फ रिंकू सिंह तथा आजमगढ़ जनपद ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय व बाबू प्रमोद सिंह का अंगवस्त्रम तथा डायरी-पेन भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
इस दौरान अखिलेश सिंह ने दोनों पत्रकारों को समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। सम्मान के दौरान उपस्थित लोगों ने भी पत्रकारों के कार्यों की सराहना की।
अखिलेश सिंह ने कहा कि पत्रकार देश का चौथा स्तंभ होता है। पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आम जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गर्मी, बरसात और कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना लगातार क्षेत्र में दौड़ता रहता है। कई बार विषम परिस्थितियों के बावजूद पत्रकार जनहित के मुद्दों को सामने लाने का काम करता है। ऐसे कर्मठ और समर्पित लोगों को समाज में सम्मान मिलना चाहिए, ताकि उनका उत्साह और मनोबल बढ़ता रहे।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की पीड़ा को समझने, जरूरतमंदों की आवाज बनने और व्यवस्था को आईना दिखाने की जिम्मेदारी भी है। निष्पक्ष एवं जनहितकारी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सम्मान प्राप्त करने वाले रिंकू सिंह एवं बबलू राय ने अखिलेश सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह का सम्मान पत्रकारों के लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि जनहित में और अधिक जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
सम्मान समारोह के दौरान ग्रामवासी एवं क्षेत्र के अन्य लोग मौजूद रहे।




