संवाद दाता:-सलीम जावेद
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के विद्यापीठ रोड स्थित एक फाइनेंस बैंक की शाखा से जुड़े माइक्रो फाइनेंस समूह लोन में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। लोहता क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं ने बैंककर्मियों पर स्वीकृत लोन की पूरी रकम नहीं देने और शेष रकम कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठे के निशान के जरिए निकालने का आरोप लगाया है।
पीड़ित महिलाओं के अनुसार, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार शुरू करने के उद्देश्य से 55-55 हजार रुपये का लोन स्वीकृत किया गया था। आरोप है कि लोन की रकम जारी करते समय उन्हें केवल 25 से 30 हजार रुपये ही दिए गए, जबकि शेष रकम कथित तौर पर उनके हस्ताक्षर एवं अंगूठे का इस्तेमाल कर निकाल ली गई।
महिलाओं का आरोप है कि इसके बावजूद बैंक की ओर से उनसे पूरी 55 हजार रुपये की लोन राशि और ब्याज की किश्तें जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
पहले थाने पहुंचीं पीड़ित महिलाएं
मामले को लेकर सोमवार को लोहता क्षेत्र की पीड़ित महिलाएं और उनके परिजन सबसे पहले सिगरा थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत की। इसके बाद उन्होंने पुलिस कार्यालय पहुंचकर पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायती पत्र सौंपा।
शिकायत में महिलाओं ने संबंधित बैंककर्मियों की भूमिका की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं और रोजी-रोटी चलाने के लिए उन्होंने लोन लिया था। उनका आरोप है कि लोन की रकम में कथित अनियमितता के कारण अब उन्हें ऐसी राशि की किश्तें चुकाने का दबाव झेलना पड़ रहा है, जो उनके अनुसार उन्हें पूरी तरह प्राप्त ही नहीं हुई।
पुलिस आयुक्त के समक्ष शिकायत दिए जाने के बाद मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लोन की राशि के भुगतान और निकासी में वास्तव में क्या हुआ तथा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।




