प्रतिष्ठा बड़ी या परंपरा? हथियाराम मठ में प्रोफेसर वकील सिंह ने अपने आचरण से दिया संदेश

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जखनिया गाजीपुर

(सादगी की दिखी मिसाल, दो घंटे लाइन में खड़ा होकर प्रसाद लिए बीएचयू के प्रोफेसर)

सिद्ध पीठ श्री हथियार मैथ में पूज्य गुरुदेव भगवान के शनि देव विजयदशमी का महापर्व श्रद्धा भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और शिष्यों ने मठ पहुंचकर पूज्य महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया पूरे मठ परिसर में भक्ति में वातावरण बना रहा विजयदशमी के इस धार्मिक आयोजन में काशी हिंदू विश्वविद्यालय(बीएचयू) के सेवानिवृत्ति प्रोफेसर वकील सिंह की सादगी विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी आमतौर पर प्रतिष्ठ पदों पर रहे लोगों के लिए विशेष सुविधाओं की अपेक्षा की जाती है लेकिन वकील सिंह ने शिष्य परंपरा और अनुशासन का सम्मान करते हुए सादगी का परिचय दिये जहा शिष्य समुदाय पक्तिबध्द होकर महाराज श्री का प्रवचन सुन रहा था वही वकील सिंह भी इसी परंपरा के अनुरूप श्रद्धा भाव से शामिल रहे, उन्होंने किसी विशेष सुविधा का सहारा लेने के बजाय अन्य श्रद्धालुओं की तरह लंबी कतार में खड़े होकर प्रसाद के लिए अपनी बारी का इंतजार किया बताया गया कि उन्होंने प्रसाद ग्रहण करने के लिए लगभग 2 घंटे तक लाइन में लग रहे इसके बावजूद उनके व्यवहार मे धैर्य और सहजता दिखाई दी
उनके अरशद की इस बात का संदेश देती नजर आई की आध्यात्मिक स्थल पर पद और प्रतिष्ठा से बढ़कर श्रद्धा, अनुशासन तथा गुरु परंपरा का महत्व होता है विजयादशमी के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने बुढ़िया माई के दर्शन पूजन कर परिवार की सुख समृद्धि और सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की सिद्ध पीठ श्री हथियाराम मठ में आयोजित इस महापर्व ने एक बार फिर गुरु शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक आस्था और मानवता की भावना को उजागर किया श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन धार्मिक उल्लास के साथ-साथ सादगी और उल्लास भरा संस्कारों शेर जुड़ा प्रेरणादायक अनुभव से भरा रहा