आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट
“ईमानदारी की कीमत आरोप नहीं हो सकती” : सरिता शर्मा ने आरोपों को बताया निराधार, कर्मचारियों ने भी जताया समर्थन
आजमगढ़ जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, में वरिष्ठ लिपिक (एएनएम एवं एचबी स्थापना) के पद पर कार्यरत सरिता शर्मा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार, बेबुनियाद और तथ्यों से परे बताया। उन्होंने कहा कि अपने पूरे सेवा काल में उन्होंने नियमों और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा किसी भी प्रकार के दबाव में आकर कभी गलत कार्य नहीं किया।
सरिता शर्मा ने बताया कि एक एएनएम को वरिष्ठता सूची में शामिल करने के लिए मनोज सिंह द्वारा कई बार मोबाइल फोन के माध्यम से उन पर दबाव बनाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने मनोज सिंह से कहा था कि यदि इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का आदेश होगा तो वह नियमानुसार कार्रवाई करेंगी, लेकिन बिना अधिकारिक आदेश के किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठता सूची पूरी तरह नियमों के अनुसार तैयार की जाती है और उसी के आधार पर प्रशिक्षण एवं पदोन्नति की प्रक्रिया संचालित होती है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने नियमों से समझौता करने से इंकार कर दिया, तभी से उनके विरुद्ध तरह-तरह के आरोप लगाए जाने लगे। सरिता शर्मा ने कहा कि जिस पटल की जिम्मेदारी उनके पास है, वह मुख्य रूप से महिला कर्मचारियों से संबंधित कार्यों का है और आज तक कोई भी महिला कर्मचारी यह नहीं कह सकती कि उनसे किसी प्रकार की अवैध धनराशि की मांग की गई हो या किसी कार्य के लिए परेशान किया गया हो।
मीडिया वार्ता के दौरान एएनएम संघ की जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश उप महामंत्री प्रभा सिंह भी मौजूद रहीं। उन्होंने सरिता शर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कर्मचारियों के कार्यों में पारदर्शिता आई है और वरिष्ठता सूची तैयार करने से लेकर पदोन्नति संबंधी प्रक्रियाओं में काफी सुविधा हुई है। उन्होंने कहा कि सरिता शर्मा हमेशा महिला कर्मचारियों के हितों और सम्मान को प्राथमिकता देती रही हैं।
प्रभा सिंह ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि संगठन सरिता शर्मा के साथ खड़ा है और यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर उनकी गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ी तो एएनएम संघ हर संभव सहयोग करेगा।
इस प्रकरण में सरिता शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका, प्रशासन और अपने विभागीय अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य सामने आएगा और उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप स्वतः निराधार सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल नियमों के अनुरूप कार्य करना और कर्मचारियों को निष्पक्ष सेवाएं प्रदान करना है, जिसे वह आगे भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाती रहेंगी।




