तहसील में नाजिर-पेशकार विवाद शांत, अधिकारियों ने कराई सुलह, पटल परिवर्तन की मांग फिर हुई तेज

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रिपोर्ट- नीरज शुक्ला (रामनगर बाराबंकी)

 

तहसील रामनगर में गुरुवार को नाजिर और तहसीलदार के पेशकार के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। मामला बढ़ने से पहले ही उपजिलाधिकारी आनंद कुमार तिवारी और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में बुलाकर समझाया और आपसी सहमति से विवाद को शांत करा दिया। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की हिदायत देते हुए कार्यालय की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।

 

बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को वरिष्ठ और कनिष्ठ का सम्मान करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाजिर तहसील का एक महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदार पद है। यदि किसी कर्मचारी को किसी प्रकार की समस्या या शिकायत हो तो उसे सीधे सक्षम अधिकारियों के संज्ञान में लाना चाहिए, न कि विवाद की स्थिति उत्पन्न करनी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सरकारी कार्यालय की छवि को धूमिल करती हैं और इससे आम जनता के बीच भी गलत संदेश जाता है।

 

हालांकि प्रशासन की पहल के बाद मामला फिलहाल शांत हो गया है, लेकिन तहसील परिसर में अंदरूनी तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

 

 

पटल परिवर्तन की मांग ने फिर पकड़ा जोर

 

 

विवाद के बाद तहसीलदार के पेशकार के पटल परिवर्तन की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त पेशकार पिछले छह से सात वर्षों से एक ही पटल पर कार्यरत हैं। कर्मचारियों और अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए समय-समय पर पटल परिवर्तन किया जाना आवश्यक है।

 

जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष भी तहसील के कुछ अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र देकर पटल परिवर्तन की मांग उठाई थी, लेकिन उस समय मामला आगे नहीं बढ़ सका। वहीं, सूत्र बताते हैं कि करीब दो वर्ष पूर्व संबंधित पेशकार का स्थानांतरण भी किया गया था, जिसे बाद में रुकवा लिया गया।

 

अब हालिया विवाद के बाद कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच यह मांग फिर जोर पकड़ रही है कि प्रशासन निष्पक्ष कार्य व्यवस्था, पारदर्शिता और बेहतर कार्यालयीन माहौल सुनिश्चित करने के लिए पटल परिवर्तन के मुद्दे पर गंभीरता से निर्णय ले। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।