रिपोर्ट- नीरज शुक्ला (रामनगर बाराबंकी)
रामनगर तहसील परिसर में गुरुवार को बिजली के अनावश्यक उपयोग को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। तहसील के नाजिर और तहसीलदार के पेशकार के बीच हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार नाजिर अरविंद शुक्ला और तहसीलदार के पेशकार आशुतोष सिंह के बीच पिछले कुछ दिनों से बिजली बचाने के मुद्दे पर विवाद चल रहा था। गुरुवार को दोनों के बीच फिर बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान पेशकार के साथ मौजूद कुछ लोगों ने भी नाजिर के साथ मारपीट की।
घटना के बाद तहसीलदार ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, घटना को लेकर तहसील कर्मचारियों के बीच दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा।
मारपीट की घटना के बाद कर्मचारियों के बीच पेशकार की तैनाती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि आशुतोष सिंह को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति मिली थी, लेकिन वह लंबे समय से तहसीलदार के पेशकार के रूप में कार्यरत हैं। कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा रही कि उनका पूर्व में स्थानांतरण होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया तथा सरकारी कार्यों में निजी व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल घटना को लेकर तहसील परिसर में कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।




