22 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हमलावर, अधिवक्ता का परिवार दहशत में, जान से मारने की मिल रही धमकियां 

CRIME

आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट

22 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हमलावर, अधिवक्ता का परिवार दहशत में, जान से मारने की मिल रही धमकियां

आजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के कोट किला मोहल्ला निवासी अधिवक्ता रईस अहमद ने पुलिस प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उनका आरोप है कि 22 जून 2026 को पुरानी रंजिश के चलते उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया गया था, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इतना ही नहीं, आरोपी लगातार मोबाइल फोन के माध्यम से जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

रईस अहमद ने बताया कि उनके तीनों बेटे—ज़ैद, हमजा और रेयान उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 22 जून को एलवल मोहल्ला के पास कुछ लोगों ने उनके बेटे पर अचानक हमला कर दिया। इसके बाद दर्जनों की संख्या में आरोपी उनके घर पहुंच गए और लाठी-डंडों से पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में स्वयं अधिवक्ता रईस अहमद समेत उनके तीनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। कई लोगों को फ्रैक्चर सहित गंभीर चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की सूचना पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा भी दर्ज किया गया, लेकिन परिवार का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इससे उनका मनोबल बढ़ा हुआ है और वे लगातार धमकियां देकर परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे हैं।

अधिवक्ता रईस अहमद का कहना है कि यदि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो वह इस मामले को कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं के संगठन के समक्ष उठाकर व्यापक आंदोलन करने को विवश होंगे।

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे भयमुक्त होकर अपना जीवन व्यतीत कर सकें।