संवाददाता: उमाकांत विश्वकर्मा रसड़ा की उपेक्षा पर फूटा जनाक्रोश: अपराध निरोधक कमेटी ने खोला विकास के दावों का पोल, जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से मांगा जवाब।

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संवाददाता: उमाकांत विश्वकर्मा

रसड़ा की उपेक्षा पर फूटा जनाक्रोश: अपराध निरोधक कमेटी ने खोला विकास के दावों का पोल, जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से मांगा जवाब।

रसड़ा (बलिया)। बलिया जनपद के रसड़ा क्षेत्र के मेरुराय के पूरा तिलही स्थित गुड्डू शर्मा के निजी आवास पर जिला अपराध निरोधक कमेटी (शाखा रसड़ा) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एडवोकेट सुरेंद्र वर्मा ने की। बैठक में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से जवाबदेही तय करने तथा तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान रखने वाला रसड़ा, जिसे ‘छोटी काशी’ के नाम से जाना जाता है, आज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। विकास के दावों के बावजूद क्षेत्र की प्रमुख समस्याएं वर्षों से जस की तस बनी हुई हैं। राजकीय महिला इंटर कॉलेज का प्रस्ताव भी अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल सका है।

रेलवे स्टेशन से करोड़ों का राजस्व, लेकिन यात्रियों को नहीं सुविधाएं

बैठक में रसड़ा रेलवे स्टेशन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं का कहना था कि स्टेशन से रेलवे को अच्छा राजस्व मिलने के बावजूद यहां लंबी दूरी और सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव नहीं है। इससे व्यापारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस स्थिति पर जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए।

स्टेशन के बाहर गंदगी और खुले में मीट की दुकानें बनीं परेशानी का कारण

बैठक में आरोप लगाया गया कि रेलवे स्टेशन के बाहर खुले में संचालित मीट-मांस की दुकानों से फैलने वाली दुर्गंध यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। सदस्यों का कहना था कि दुकानों के पास स्थित शिव मंदिर, हनुमान मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी असुविधा होती है। बैठक में यह भी कहा गया कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई प्रभावी नहीं दिखती और स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।

बलिया–मऊ मार्ग पर अतिक्रमण से हादसों का खतरा

कमेटी ने बलिया–मऊ मुख्य मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण को भी गंभीर मुद्दा बताया। वक्ताओं ने कहा कि सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई।

बैठक के अंत में जिला अपराध निरोधक कमेटी (तहसील इकाई रसड़ा) ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

बैठक में प्रमुख रूप से मंत्री शिशिर अग्रवाल, उपाध्यक्ष सीताराम शर्मा, बेचन प्रसाद बरनवाल, लल्लन प्रसाद, जफरुल हसन अंसारी, हरिद्वार शर्मा, सुनील शर्मा, विशाल कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।