रसड़ा में रक्षाबंधन पर ‘मीठे जहर’ का कारोबार!
अवैध मिठाई फैक्ट्रियों पर कार्रवाई कब? संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
संवाददाता उमाकांत विश्वकर्मा

रसड़ा (बलिया)। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और प्रेम का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के बाद उन्हें मिठाई खिलाकर खुशियां साझा करती हैं। लेकिन रसड़ा क्षेत्र में त्योहार की इसी मांग के बीच कथित रूप से मिलावटी और मानकविहीन मिठाइयों के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कुछ मिठाई निर्माण इकाइयों में कथित तौर पर केमिकल एवं घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर मिठाइयां तैयार की जा रही हैं, जिन्हें रसड़ा बाजार के अलावा आसपास की चट्टियों और चौराहों तक सप्लाई किया जाता है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का गंभीर मामला है।
त्योहार पर बढ़ती मांग, मुनाफे के लिए सेहत से समझौता?
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी अधिक मुनाफे के लालच में गुणवत्ता से समझौता करते हैं। सवाल यह है कि त्योहारों के दौरान बाजार में बिक रही मिठाइयों की नियमित जांच आखिर कौन कर रहा है?
सबसे बड़ा सवाल उन कथित निर्माण इकाइयों को लेकर है जहां बिना उचित मानकों का पालन किए बड़े पैमाने पर मिठाइयां तैयार किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन उत्पादों की बाजार में सप्लाई होने से पहले खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच क्यों नहीं होती?
‘मीठे जहर’ के कारोबार का सरगना कौन?
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा का विषय है कि यदि अवैध रूप से मिठाई बनाने और सप्लाई करने का कारोबार चल रहा है तो इसके पीछे कौन लोग हैं? इन इकाइयों का संचालन किसकी निगरानी में हो रहा है और बाजार तक इनकी सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है?
आखिर ‘मीठे जहर’ के इस कथित कारोबार का जिम्मेदार कौन है और संबंधित विभाग अब तक कार्रवाई से क्यों पीछे है?
विभागीय कार्रवाई पर भी उठे सवाल
स्वास्थ्य के लिहाज से मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद यदि रसड़ा क्षेत्र में मानकविहीन या अवैध मिठाई निर्माण इकाइयां संचालित होने की शिकायतें सही हैं, तो उन पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है, लेकिन जनहित में इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच जरूरी है।
जनता की मांग—हो जांच, सामने आए सच
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग विशेष अभियान चलाए। मिठाई निर्माण इकाइयों, दुकानों और सप्लाई नेटवर्क की जांच की जाए तथा नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराई जाए। यदि किसी कारोबारी द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई हो।
क्योंकि मिठाई सिर्फ स्वाद नहीं, किसी परिवार की खुशियों का हिस्सा है—और उन खुशियों में जहर घोलने की किसी को इजाजत नहीं दी जा सकती।
अब सवाल सीधा है—रसड़ा में कथित ‘मीठे जहर’ के इस कारोबार पर कार्रवाई कब होगी? और क्या जिम्मेदार विभाग जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाएगा?




