आज जब हमारा देश महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसी महान विभूतियों की जयंती मना रहा है, तब जयदेश राष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्र आजमगढ़ के ब्यूरो चीफ जीतेन्द्र मौर्य जी ने रक्तदान कर देश के सामने सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है। गांधी जी ने हमें समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा करना सिखाया, और शास्त्री जी ने देश के लिए सर्वस्व अर्पण करने की प्रेरणा दी। आज के समय में, रक्तदान करना देश की सीमाओं पर लड़े बिना भी राष्ट्र की सेवा करने का सबसे सशक्त माध्यम है। सच्चा समर्पण वह नहीं जो सिर्फ शब्दों में हो, बल्कि वह है जो हमारे कर्मों में दिखे। सरहद पर खड़े वीरों का त्याग और समर्पण याद आया, तो हाथ आगे बढ़ाकर देश के किसी नागरिक के लिए रक्त का एक कतरा दे दिया। जवान देश की रक्षा के लिए खून बहाते हैं, हम देश को मजबूत रखने के लिए रक्तदान तो कर ही सकते हैं।
भारत के सभी नागरिकों के लिए आज एक महत्वपूर्ण आह्वान है:
* जीवन का सबसे बड़ा उपहार: आपका दिया हुआ रक्त किसी मरते हुए इंसान को नई जिंदगी दे सकता है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है।
* अनेकता में एकता का प्रतीक: रगों में बहने वाला खून न तो जाति देखता है और न ही धर्म। रक्तदान हमारे देश की साझा विरासत और आपसी भाईचारे को मजबूत करता है।
* स्वस्थ भारत का संकल्प: यदि देश का हर स्वस्थ नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प ले, तो भारत में कभी भी खून की कमी से किसी की जान नहीं जाएगी।
* आज महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसी महान विभूतियों की जयंती पर जयदेश राष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्र आजमगढ़ के ब्यूरो चीफ जीतेन्द्र मौर्य ने रक्तदान कर समाज को सेवा, समर्पण और जन-कल्याण का संदेश दिया।




