बाघी में मनरेगा को लेकर जांच होगी या मनरेगा भ्रष्टाचार का दूसरा नाम बनकर रह जाएगा

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बाघी में मनरेगा को लेकर जांच होगी या मनरेगा भ्रष्टाचार का दूसरा नाम बनकर रह जाएगा

 

 

गाजीपुर। जनपद के देवकली ब्लॉक अंतर्गत बाघी ग्राम सभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चल रहे कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांघा खुदाई कार्य में मजदूरों के नाम पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि मौके पर कार्य न बराबर कराए जाने की बात सामने आ रही है जब इस मामले में प्रधान पति से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि गांव में मनरेगा कार्य चल रहा है। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि मनरेगा पोर्टल पर लगभग 100 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की जा रही है।यदि पोर्टल पर मजदूरों की हाजिरी दर्ज है और मौके पर काम नहीं कराया जा रहा है, तो यह जांच का गंभीर विषय है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर कार्य की वास्तविक स्थिति, मस्टर रोल और भुगतान संबंधी अभिलेखों का सत्यापन करना चाहिए।अधिकारियों ने जांच का दिया आश्वासन इस संबंध में मनरेगा विभाग के संबंधित अधिकारियों से बातचीत की गई। अधिकारियों ने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा में यह अनियमितता लंबे समय से चली आ रही है। उनका कहना है कि कई बार मजदूरों के नाम पर भुगतान कराया जाता है, लेकिन वास्तविक मजदूरी और कार्य की स्थिति अलग होती है।ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यों में यदि विभागीय अधिकारी और जिम्मेदार कर्मचारी समय रहते जांच करें तो सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सकती है।बाघी ग्राम सभा में मनरेगा कार्यों को लेकर उठे सवालों के बीच अब ग्रामीणों की निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं। क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्यों का सत्यापन करेंगे? क्या बिना काम किए भुगतान पाने वाले जॉब कार्ड धारकों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या मस्टर रोल, मजदूरों की उपस्थिति और बैंक भुगतान की जांच होगी ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार ग्राम प्रधान, संबंधित कर्मचारी तथा अन्य दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए ।