विश्व हिंदू परिषद राष्ट्रीय प्रतीकों एवं आस्था के केंद्रों की रक्षा के लिए किया कार्य:जिला मंत्री

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रामनगर बाराबंकी/सूर्यभान सिंह

विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस का कार्यक्रम प्रखंड सूरतगंज के ग्राम ठाकुरपुरवा में बजरंग दल प्रखंड संयोजक अनुपम वर्मा के संयोजन में संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता विभाग संगठन मंत्री ने कहा की विश्व हिंदू परिषद षष्टी पूर्ति वर्ष मना रहा है।
१९६९ के संत सम्मेलन में सभी धरमाचार्यों ने मिलकर एक स्वर में भेदभाव मिटाने की बात की।पू.महंत अवैद्यनाथ जी व पू.राम चंद्र दास जी महाराज के साथ श्री अशोक सिंहल ने १९९४ में काशी के डोमराजा के घर भोजन ग्रहण किया था। राम जन्मभूमि का शिलान्यास कामेश्वर चौपाल के हाथों से हुआ।प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर १३० परंपराओं व मत पंथ,संप्रदाय,भाषा एवं चारों दिशाओं से लोग सहभागी हुए।
विहिप द्वारा चलाये जा रहे हज़ारों सेवा केंद्रों के द्वारा अनुसूचित जाति/अनु जनजाति/वंचित समाज के लाखों लोग लाभावन्वित हो रहे हैं।


पुजारी/अर्चक-पुरोहितों के प्रशिक्षण में अनुसूचित जाति व जनजाति समाज की सहभागिता रही है विशेष रूप से तमिलनाडू में।
जिला मंत्री राहुल कुमार ने कहा कि विहिप ने राष्ट्रीय प्रतीकों एवं आस्था के केंद्रों की रक्षा के लिए कार्य किया है। श्री राम जन्मभूमि,बूढ़ा अमरनाथ, रामसेतु इनमें से कुछ उदाहरण हैं। गोवंश रक्षण तथा मतांतरण का क़ानून लाने में विहिप के प्रयासों के परिणाम दिखने लगे हैं।
सन् १९६६ में हुए प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन में संतों ने पहली बार प्रस्ताव पारित किया कि जो हिंदू भय,छल तथा प्रलोभन से धर्म छोड़ कर गये हैं,उन्हें वापस लाया जाएगा। तब से अब तक लाखों लोग स्वधर्म में वापस आये हैं। ब्यावर में राजपूत,बाँसवाड़ा में भील समाज के लोग स्वधर्म में वापस आये हैं। अभी तक हज़ारों ईसाई सिखों की भी स्वधर्म में वापसी हुई है।विहिप ने लव जिहाद से बचा कर हिंदू कन्या रक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है।


इस अवसर पर जिला सह मंत्री राहुल प्रताप सिंह,बजरंग दल जिला सह संयोजक चंदन सिंह,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड पर्यावरण प्रमुख सुरेन्द्र गोस्वामी,विनोद पंकज कृष्ण कुमार दीपक शास्त्री सुशील सहित सैंकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

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