दुकानदार वस्तुओं के पुराने रेट व नए रेट की लिस्ट और स्टिकर अवश्य चिपकाएं

स्थानीय समाचार

ब्यूरो मोहम्मद अंसार खान मऊ

दुकानदार वस्तुओं के पुराने रेट व नए रेट की लिस्ट और स्टिकर अवश्य चिपकाएं

जीएसटी कटौती का लाभ नहीं देने वालों पर होगी कार्यवाही*
बृजेश कुमार दीपंकर

उपायुक्त राज्य कर बृजेश कुमार दीपंकर ने बताया कि जीएसटी की नई दरें सोमवार से लागू हो गई है और भारत सरकार / उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि जीएसटी रेट घटोत्तरी का पूरा लाम उपभोक्ताओं / खरीददारों को मिले / निर्माता कम्पनियों को पहले से ही सूचित कर दिया गया है कि वे खुदरा दुकानदारों को जीएसटी की नई दर के हिसाब से सामान बेचने के लिए कहें और नए दाम की वजह से खुदरा दुकानदारों को होने वाले नुकसान की भरपाई निर्माता कम्पनी को करना चाहिए ।

जीएसटी कटौती का ग्राहकों को लाभ नहीं देने वाले दुकानदार अपना ही नुकसान कर रहे हैं, क्योंकि कई ऐसे दुकानदार हैं जिनका सालाना कारोबार 40 लाख रुपए से ऊपर का है और नियम के मुताबिक उनके पास पंजीयन होना चाहिए। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ अगर ग्राहक शिकायत करते हैं तो पूरी छानबीन की जायेगी तो उन्हें जीएसटी का पंजीयन भी लेना पड़ेगा और ग्राहकों को लाभ नहीं देने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। जीटीटी दरो में कटौती का लाभ नहीं देने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

उपभोक्ता मामले के 1915 नंबर पर काल करने पर पता चला कि जीएसटी कटौती का लाभ नहीं देने की सोमवार को कई शिकायतें आई हैं। इस नंबर पर देशभर में किसी स्थान से काल कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और देश की 17 भाषा में यह सुविधा उपलब्ध है। 453 आइटम पर जीएसटी दरों में कटौती की गई है और इनमें 295 आइटम रोजमर्रा से जुड़ी हैं, जिन पर खुदरा दुकानदार जीएसटी में कटौती का लाभ नहीं दे रहे हैं या कम दे रहे है। 17 भाषाओं में 1915 पर सुविधा उपलब्ध है।

उत्पादों की कीमतों में बदलाव के उपरान्त तुलना की जानकारी के लिए सरकार द्वारा वेबसाईट https://savingswithgst.in. किया गया है। भारत सरकार द्वारा उपभोगताओं के सवालों और शिकायतों के लिए (इन्टीग्रेटेड ग्रीवेन्स रिड्रेसल मैकेनिजम) http://consumerhelpline-gov-in पोर्टल लांच किया गया है।