उग्रसेन सिंह ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर
सादात गाजीपुर ।
बीआरसी पर शुक्रवार को एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिवों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत एसएमसी की संरचना, गठन, कार्यकाल और कार्यों पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, बाल अधिकार, अभिभावक एवं सामुदायिक भागीदारी तथा उनके दायित्वों व योगदान के बारे में भी जानकारी दी गई।
बतौर मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी सीताराम यादव ने कहा कि विद्यालय के विकास में एसएमसी अध्यक्ष एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्होंने जन सहभागिता के माध्यम से ही विद्यालय के उत्थान को संभव बताते हुए कहा कि एसएमसी में विद्यालय स्तर पर 13 सदस्यों की कार्यकारिणी होती है। इनके प्रशिक्षित न होने से कार्यक्रम पारदर्शी ढंग से लागू नहीं हो पाते हैं। उन्होंने प्रबंध समिति की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि विद्यालय में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दुरुस्त रखी जाए।
खंड शिक्षा अधिकारी ने नियमित रूप से बैठक कर उपस्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम मिले, तो अभिभावकों के साथ बैठक कर इसके कारणों का पता लगाया जाए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को समय पर यूनीफॉर्म, पाठ्य-पुस्तकें, जूते-मोजे, स्कूल बैग और स्वेटर के वितरण तथा नियमानुसार भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। हाउस होल्ड सर्वे में चिह्नित आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन और विशेष प्रशिक्षण की समीक्षा करने के लिए भी कहा गया। बालिकाओं और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित योजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन बनवाना, उपचारात्मक शिक्षण, खेलकूद सामग्री का वितरण, पुस्तकालय, रंगाई-पुताई आदि कार्यों की जिम्मेदारी भी विद्यालय प्रबंध समिति को सौंपी गई। इस मौके पर प्रशिक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह, पंकज यादव, नित्यानंद प्रकाश, संतोष कुमार सिंह, अजय विक्रम सिंह, सुभाष यादव, सतीश सिंह, विश्वास मणि सिंह, नीलम यादव, गरिमा यादव सहित ब्लॉक के एसएमसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। गाजीपुर
बीआरसी पर शुक्रवार को एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिवों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत एसएमसी की संरचना, गठन, कार्यकाल और कार्यों पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, बाल अधिकार, अभिभावक एवं सामुदायिक भागीदारी तथा उनके दायित्वों व योगदान के बारे में भी जानकारी दी गई।
बतौर मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी सीताराम यादव ने कहा कि विद्यालय के विकास में एसएमसी अध्यक्ष एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्होंने जन सहभागिता के माध्यम से ही विद्यालय के उत्थान को संभव बताते हुए कहा कि एसएमसी में विद्यालय स्तर पर 13 सदस्यों की कार्यकारिणी होती है। इनके प्रशिक्षित न होने से कार्यक्रम पारदर्शी ढंग से लागू नहीं हो पाते हैं। उन्होंने प्रबंध समिति की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि विद्यालय में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दुरुस्त रखी जाए।
खंड शिक्षा अधिकारी ने नियमित रूप से बैठक कर उपस्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम मिले, तो अभिभावकों के साथ बैठक कर इसके कारणों का पता लगाया जाए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को समय पर यूनीफॉर्म, पाठ्य-पुस्तकें, जूते-मोजे, स्कूल बैग और स्वेटर के वितरण तथा नियमानुसार भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। हाउस होल्ड सर्वे में चिह्नित आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन और विशेष प्रशिक्षण की समीक्षा करने के लिए भी कहा गया। बालिकाओं और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित योजनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन बनवाना, उपचारात्मक शिक्षण, खेलकूद सामग्री का वितरण, पुस्तकालय, रंगाई-पुताई आदि कार्यों की जिम्मेदारी भी विद्यालय प्रबंध समिति को सौंपी गई। इस मौके पर प्रशिक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह, पंकज यादव, नित्यानंद प्रकाश, संतोष कुमार सिंह, अजय विक्रम सिंह, सुभाष यादव, सतीश सिंह, विश्वास मणि सिंह, नीलम यादव, गरिमा यादव सहित ब्लॉक के एसएमसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।




