हंगामे के कारण दिनभर के लिए लोकसभा की स्थगित कार्यवाही

Breaking

नई दिल्ली: लोकसभा में सोमवार को भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा जिसके कारण सदन में कोई कामकाज नहीं हुआ और पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल को सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। पीठासीन अधिकारी ने एक बार के स्थगन के बाद दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की, काले कपड़े पहने कांग्रेस तथा द्रमुक के सदस्य सदन के बीचों बीच आकर नारेबाजी करने लगे।

सीएम नीतीश कुमार ने रामनवमी जुलूस के मामले में की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

तृणमूल कांग्रेस के सांसद काले रंग का मास्क पहनकर सदन में आए थे। पीठासीन अधिकारी ने हंगामे के बीच जरूरी कागजात पटल पर रखवाये। उन्होंने जैसे ही नियम 377 के तहत सदन की कार्यवाही शुरू की तो विपक्षी सदस्यों का हंगामा तेज हो गया। हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया और कहा कि निरंतर सदन को बाधित करना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि सत्र लगभग समाप्ति पर है और जरूरी विधेयक पारित कराने हैं, इसलिए सदस्य अपनी सीटों पर चले जाएं लेकिन हंगामा कर रहे सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी। हंगामा बढ़ने लगा तो श्री अग्रवाल ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

लखनऊ: 16 मई से गर्मियों की छुट्टियां मनाएंगे KGMU के डॉक्टर, टलेंगे कई ऑपरेशन

इससे पहले सुबह 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन समवेत होते ही 17वीं लोकसभा के सदस्य गिरीश चन्द्र बापट के निधन की सूचना देते हुए सदन को बताया कि बापट पुणे से वर्तमान लोकसभा के सदस्य थे। उनका 29 मार्च को निधन हुआ। उन्होंने पूर्व सदस्य इनोसेंट के निधन की भी सदन को सूचना दी। सदन में दोनों सदस्यों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी और उसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिये स्थगित कर दी गयी।