नेशनल खबर 9 से यूपी हेड रिंकू सिंह
सामुदायिक शौचालय बदहाल, सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप
आजमगढ़ सगड़ी ग्राम सभा भटौली इब्राहिमपुर विकासखंड अजमतगढ़
झाड़ियों और कूड़े के बीच बना शौचालय बना शोपीस, ग्रामीणों ने जांच कर कार्रवाई की उठाई मांग
आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के विकासखंड अजमतगढ़ अंतर्गत ग्राम सभा भटौली इब्राहिमपुर में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्राम पंचायत स्तर पर कराए गए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सरकारी धन से निर्मित सामुदायिक शौचालय देखरेख और साफ-सफाई के अभाव में बदहाल पड़ा है। शौचालय के आसपास झाड़ियों, कूड़े-कचरे और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण यह स्थान उपयोग के बजाय कीड़े-मकौड़ों और अन्य जीव-जंतुओं का बसेरा बन गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम प्रधान अनीता देवी के पति सुभाष राम ही ग्राम पंचायत से जुड़े अधिकांश कार्यों को देखते हैं। आरोप है कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन निर्माण के बाद इसकी नियमित साफ-सफाई और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। शौचालय के चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं और कूड़ा-कचरा जमा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में लोग शौचालय का इस्तेमाल करने से भी कतराते हैं।
साफ-सफाई और रखरखाव पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सामुदायिक शौचालय का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित शौच की सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाती और शौचालय का रखरखाव किया जाता तो इसकी स्थिति ऐसी नहीं होती।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर यह पता लगाने की मांग की है कि सामुदायिक शौचालय के निर्माण, संचालन, सफाई और रखरखाव के नाम पर कितना सरकारी धन खर्च किया गया और मौके पर उसका वास्तविक उपयोग कितना हुआ। ग्राम पंचायत में कराए गए अन्य विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि गांव स्थित एक तालाब, पोखरी के बंथे का कार्य के अमृत सरोवर कार्य हो या अमृतसरोवर पर वृक्षारोपण सुंदरीकरण का कार्य हो सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी धन खर्च किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन मौके पर अपेक्षित स्तर का सुंदरीकरण कार्य दिखाई नहीं देता। सूत्रों के मुताबिक ग्राम सभा में ऐसे कई अन्य कार्य भी हैं, जिनमें सरकारी धन के खर्च और मौके पर हुए कार्यों का मिलान कराया जाना जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार कुछ कार्यों में बिना अपेक्षित कार्य कराए भुगतान किए जाने की भी शिकायतें हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार यदि ग्राम पंचायत में पिछले वर्षों में कराए गए सभी विकास कार्यों, उनके भुगतान और मौके पर हुए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
जांच से सामने आएगी हकीकत
ग्रामीणों ने विकासखंड और जिला स्तर के अधिकारियों से ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सामुदायिक शौचालय, तालाब सुंदरीकरण सहित अन्य विकास कार्यों में स्वीकृत धनराशि, भुगतान और मौके पर हुए कार्यों का मिलान कराया जाए। साथ ही शौचालय की वर्तमान स्थिति का भी स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
सूत्रों के मुताबिक सरकार गांवों के विकास, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि योजनाओं का लाभ धरातल तक नहीं पहुंचता और सरकारी संपत्तियां बनने के बाद बदहाल हो जाती हैं तो इसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता है।
फिलहाल ग्राम पंचायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर स्थलीय जांच कराने और यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।




