सीएमओ ने सरायमीर व संजरपुर पीएचसी का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश

HEALTH

नेशनल खबर 9 के लिए आजमगढ़ मंडल हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय

 

सीएमओ ने सरायमीर व संजरपुर पीएचसी का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश

76 केंद्रों पर आयोजित हुआ मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला, 2,102 मरीजों का हुआ पंजीकरण

चिकित्सकों की समय से उपस्थिति, स्वच्छता एवं प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर

आजमगढ़। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के प्रभावी संचालन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरायमीर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संजरपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, ओपीडी, साफ-सफाई, प्रसव कक्ष तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरायमीर के निरीक्षण के दौरान नवनियुक्त चिकित्सक अपने आवास में शिफ्ट होकर आवश्यक व्यवस्थाएं करते हुए मिले। चिकित्सक द्वारा हाल ही में कार्यभार ग्रहण किए जाने के कारण सीएमओ ने उन्हें स्वास्थ्य केंद्र एवं परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा मरीजों के लिए स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। केंद्र की अन्य व्यवस्थाएं सामान्य पाई गईं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संजरपुर के निरीक्षण के दौरान आयुर्वेदिक चिकित्सक मौके पर उपस्थित नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान फोन किए जाने पर चिकित्सक कुछ ही देर में स्वास्थ्य केंद्र पर उपस्थित हो गए। सीएमओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में निरीक्षण के समय निर्धारित ड्यूटी स्थल पर मौके पर उपलब्ध न रहने को अनुपस्थिति माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को निर्धारित ड्यूटी स्थल पर समय से उपस्थित रहकर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पीएचसी संजरपुर के प्रसव कक्ष एवं साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर किए जाने की आवश्यकता पाई गई। इस पर सीएमओ ने संबंधित चिकित्सक एवं एएनएम को प्रसव कक्ष की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रसव सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में जनपद के 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। जनपद में निर्धारित सभी 76 मेले आयोजित हुए, जिनमें कुल 82 चिकित्सकों एवं 269 पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएं दीं। मेलों में कुल 2,102 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिसमें 840 पुरुष, 944 महिलाएं तथा 318 बच्चे शामिल रहे। मरीजों की जांच एवं उपचार के दौरान डायबिटीज के 326, पेट संबंधी बीमारियों के 314, त्वचा संबंधी 264, सांस संबंधी 177, कुपोषित बच्चों के 108, गर्भवती महिलाओं के 109 तथा हाई ब्लड प्रेशर के 102 मरीज सामने आए। इसके अलावा लिवर संबंधी 33, एनीमिया के 25 तथा टीबी के 10 मरीजों की भी पहचान हुई, जबकि 818 मरीज अन्य बीमारियों से संबंधित रहे। मेले के दौरान कैंसर का कोई मरीज पंजीकृत नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में कोविड-19 हेल्प डेस्क पर 226 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान 31 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए तथा आवश्यकता के अनुसार 12 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। रेफर किए गए मरीजों में ईएनटी के 6, नेत्र रोग के 3, स्त्री एवं प्रसूति रोग के 2 तथा अन्य बीमारी का एक मरीज शामिल रहा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति, स्वच्छता, प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखा जाए और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।