आजमगढ़ अभियोजन विभाग बना प्रदेश में मिसाल, पुनर्सज्जित कार्यालय का उद्घाटन, अपराधियों पर शिकंजा कसने की उपलब्धियों से गूंजा समारोह

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आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट 

आजमगढ़ अभियोजन विभाग बना प्रदेश में मिसाल, पुनर्सज्जित कार्यालय का उद्घाटन, अपराधियों पर शिकंजा कसने की उपलब्धियों से गूंजा समारोह

आजमगढ़ जनपद में न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में शनिवार का दिन आजमगढ़ अभियोजन विभाग के लिए ऐतिहासिक बन गया। संयुक्त निदेशक (अभियोजन) कार्यालय, आजमगढ़ में पुनर्सज्जित अभियोजन अधिकारी कक्ष एवं संयुक्त निदेशक कक्ष का भव्य उद्घाटन निदेशक अभियोजन उत्तर प्रदेश श्री ललित मुद्गल के करकमलों द्वारा रिबन काटकर किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर पूरे कार्यालय परिसर में उत्साह, सम्मान और नई ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।

उद्घाटन के उपरांत संयुक्त निदेशक अभियोजन श्री शमशाद हसन तथा ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी श्री सुभाष ने मुख्य अतिथि को बुके भेंट कर सम्मानित किया। इसी क्रम में नेशनल खबर 9 के सह संपादक भास्कर सिंह उर्फ रिंकू सिंह ने भी बुके देकर शिष्टाचार मुलाकात की। समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के चेहरों पर विभागीय उपलब्धियों का आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

कार्यक्रम में अपर निदेशक (अभियोजन) आजमगढ़ परिक्षेत्र श्री भानु प्रताप पांडेय की विशेष उपस्थिति रही। वहीं संयुक्त निदेशक अभियोजन श्री शमशाद हसन एसपीएस, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी श्री सुभाष एसपीएस सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाने में अभियोजन विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। आधुनिक संसाधनों और व्यवस्थित कार्यालय व्यवस्था से न केवल कार्यक्षमता बढ़ती है, बल्कि जनता को त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय दिलाने की प्रक्रिया भी और अधिक मजबूत होती है।

अपने संबोधन में निदेशक अभियोजन उत्तर प्रदेश श्री ललित मुद्गल ने कहा कि प्रदेश सरकार न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अभियोजन विभाग कानून व्यवस्था की वह मजबूत कड़ी है, जो अपराधियों को सजा दिलाकर समाज में न्याय और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ अभियोजन विभाग अपनी कार्यशैली और उपलब्धियों के बल पर प्रदेश में नंबर वन की पहचान बना चुका है, जो पूरे विभाग के लिए गर्व की बात है।

कार्यक्रम के दौरान निदेशक अभियोजन द्वारा विभागीय पत्रावलियों का भी गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने पुनर्सज्जित कक्षों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की सराहना की। पूरे आयोजन में अनुशासन, प्रशासनिक समन्वय और विभागीय गरिमा की झलक साफ दिखाई दी।

अपराधियों पर कसा शिकंजा, 443 मामलों में हुई दोषसिद्धि

इस अवसर पर विभाग की वार्षिक उपलब्धियों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जिसने आजमगढ़ अभियोजन विभाग को प्रदेश स्तर पर नई पहचान दिलाई है। संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय, आजमगढ़ के निर्देशन में 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक अपराध नियंत्रण एवं दोषियों को सजा दिलाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न गंभीर अपराधों में कुल 443 मामलों में दोषसिद्धि कराई गई। इनमें कई अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 10 वर्ष से अधिक की कठोर सजा दिलाई गई। गैंगस्टर एक्ट 1986 के अंतर्गत 73 अभियुक्तों को दोषसिद्ध कराते हुए लगभग 30 करोड़ 71 लाख 57 हजार 178 रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क की गई।

वहीं पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत 36 अभियुक्तों, एससी/एसटी एक्ट 1989 में 27 अभियुक्तों तथा महिला अपराध से जुड़े मामलों में 54 दोषियों को सजा दिलाई गई। आयुध अधिनियम 1959 के अंतर्गत 161 अभियुक्तों को दंडित कराया गया, जबकि 120 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनिश्चित कराई गई।

पुराने लंबित मामलों के निस्तारण में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया। कुल 1439 मामलों का सफल निस्तारण कराया गया तथा माननीय उच्च न्यायालय में 44 अपीलें दाखिल की गईं। न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 1345 गवाहों की गवाही कराई गई, जबकि लोक अदालतों में 6332 मामलों का निस्तारण किया गया।

रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश के चिन्हित माफियाओं एवं टॉप-10 अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। साथ ही ई-प्रॉसिक्यूशन पोर्टल की फीडिंग में उत्तर प्रदेश लगातार देश में प्रथम स्थान बनाए हुए है।

इसी क्रम में संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय, आजमगढ़ के शिलापट्ट का भी अनावरण निदेशक अभियोजन श्री ललित मुद्गल द्वारा किया गया। समारोह के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अभियोजन विभाग के लिए प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण क्षण बताया।

इस अवसर पर अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार चौधरी, विपिन चंद्र भास्कर, नवनीत त्रिपाठी, अरविंद भाटी, तारकेश्वर सिंह, शैलेश पटेल, प्रभाष रंजन गुप्ता, शशिकांत पटेल, सहायक अभियोजन अधिकारी विमलेश कुमार पांडे, कृष्ण मुरारी राय, सिपाही अविनाश यादव, प्रमोद कुमार सिंह संवाददाता अजमतगढ़ सहित तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।