आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट
“हरा नीम कटता रहा, फरियादी न्याय की गुहार लगाता रहा”
जीयनपुर क्षेत्र में दबंगों पर जबरन पेड़ काटने का आरोप, पीड़ित ने चौकी इंचार्ज पर उचित कार्यवाही न करने की जताई पीड़ा
आजमगढ़ जनपद के जीयनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कन्जरा दिलशादपुर गांव में एक बार फिर जमीन और पेड़ विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर जबरन हरा नीम का पेड़ काटने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं पीड़ित ने स्थानीय चौकी इंचार्ज पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
ग्राम कन्जरा दिलशादपुर निवासी संजय कुमार ने थाना जीयनपुर में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी माता चन्द्रावती देवी के नाम आराजी संख्या 439 खतौनी में दर्ज भूमिधरी भूमि है। इसी भूमि पर वर्षों पुराना हरा नीम और आम का पेड़ मौजूद था। शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त पेड़ों का विवरण रजिस्ट्री में भी दर्ज है और स्टांप शुल्क भी जमा किया गया है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में भी इसी भूमि पर लगे हरे आम के पेड़ों में गांव के ही कुछ लोगों द्वारा आग लगा दी गई थी, जिसके संबंध में मुकदमा अपराध संख्या 197/2021 न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विवादित पक्षों का मनोबल कम नहीं हुआ और अब फिर उसी जमीन पर लगे पुराने हरे नीम के पेड़ को काट दिया गया।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 26 मई 2026 की सुबह गांव के कुछ लोगों ने कथित रूप से एकजुट होकर नीम का हरा पेड़ कटवाना शुरू कर दिया। जब शिकायतकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध किया, तो आरोप है कि उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि दबंगों ने उनकी आंखों के सामने पूरा पेड़ कटवा दिया।
घटना की सूचना तत्काल डायल-112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा स्थानीय पुलिस को दी गई। पीड़ित का आरोप है कि सूचना के बाद चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल वीडियो बनाकर चले गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती दिखाई जाती तो वर्षों पुराना हरा नीम बचाया जा सकता था।
पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष के एक व्यक्ति के पास लाइसेंसी रिवॉल्वर है, जिसके बल पर वे लगातार धमकी देते रहते हैं। घटना के बाद परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
गांव में इस घटना को लेकर लोगों में भी नाराजगी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे पेड़ों को खुलेआम काटा जा रहा है और पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है।
अब पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। गांव में चर्चा है कि यदि समय रहते प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई, तो यह विवाद आगे और बढ़ सकता




