संवाददाता : सत्यवान सिंह चौहान
एटा, 20 जून 2026 (सू0वि0) । शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह के तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस के अंतर्गत जनपद की तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसील सदर में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन जी ने उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। एक प्रकरण में तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम चमकारी के लेखपाल अवनीन्द्र सिंह द्वारा शिकायत के निस्तारण में घोर लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से एक माह के लिए कलेक्ट्रेट परिसर से संबद्ध कर दिया। इस अवधि में उनसे पार्किंग एवं सफाई व्यवस्था संबंधी कार्य कराए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतेंगे अथवा शासन एवं प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उनके वर्तमान दायित्वों से मुक्त कर अन्यत्र संबद्ध किया जाएगा। तहसील सदर के एक अन्य प्रकरण में थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के अमर गोजिया निवासी सरोज देवी जिनको पूर्व में मौजा चपराई सिकंदरपुर में राजस्व एवं पुलिस टीम द्वारा मेड़बंदी एवं पक्की मुद्दी गढ़वाकर पूर्व में निस्तारित शिकायत के बावजूद दबंगों ने प्रशासनिक आदेश की अवहेलना करते हुए पीड़िता की जमीन पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास करते हुए मेड को तोड़ दिया था तथा भूमि को पुनः जोतने का प्रयास किया इस प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित 10 व्यक्तियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई किए जाने तथा जिला बदर कराए जाने हेतु आवश्यक पत्रावली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय प्रेषित किए जाने के निर्देश उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी को दिए । जिलाधिकारी ने बताया कि जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण हेतु शिकायतों को पांच अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर कार्यवाही की जा रही है। प्रथम श्रेणी के संवेदनशील प्रकरणों का निस्तारण उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी स्तर पर, द्वितीय श्रेणी के मामलों का तहसीलदार एवं थाना प्रभारी स्तर पर, तृतीय श्रेणी के मामलों का नायब तहसीलदार एवं संबंधित उपनिरीक्षक स्तर पर, चतुर्थ श्रेणी के मामलों का राजस्व निरीक्षक, बीट एवं चौकी प्रभारी स्तर पर तथा पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा एवं आपसी मनमुटाव संबंधी मामलों का निस्तारण परिवार परामर्श केंद्र एवं संबंधित विभागों के माध्यम से कराया जा रहा है।
उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं बाल कल्याण समिति को निर्देशित किया कि घरेलू हिंसा, उत्पीड़न एवं पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सुनते हुए संबंधित थाना प्रभारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान समस्त तहसीलों में कुल लगभग 54 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, उप जिलाधिकारी श्वेता सिंह, क्षेत्राधिकारी कृतिका सिंह, उप जिलाधिकारी राजकुमार मौर्य, तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय, नायब तहसीलदार शाश्वत अग्रवाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, कानूनगो, लेखपाल एवं थाना प्रभारी आदि उपस्थित रहे।




