संवाददाता : सत्यवान सिंह चौहान
मासूम आरव की हत्या के मामले में फांसी की सजा पाने वाले दोषी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज को अभी एक और मुकदमे का सामना करना है। हत्या के अलावा उस पर पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने का मुकदमा भी शिकोहाबाद थाने में दर्ज हुआ था। 30 मई 2026 की रात को जब शिकोहाबाद थाना पुलिस ने मासूम की हत्या कर भागे आरोपी विराज की घेराबंदी की, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी थी। इस दुस्साहस पर आरोपी विराज के खिलाफ शिकोहाबाद थाने में पुलिस पर जानलेवा हमले की धाराओं में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी निष्पक्ष जांच के लिए विवेचना मक्खनपुर थाना प्रभारी चमन शर्मा को सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर चमन शर्मा के अनुसार, इस केस की कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ी है। मामले से जुड़े सभी वैज्ञानिक साक्ष्य, पुलिस कर्मियों के बयान और बरामद असलहे की फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है। कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए आरोपी विराज पर पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोपों के तहत चार्ज फ्रेम (आरोप तय) भी कर दिए हैं। मामले में चार्जफ्रेम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कोर्ट में ट्रायल (सुनवाई) शुरू होने वाला है, जिसके तहत गवाहों को कोर्ट में पेश कर उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हत्या के मामले में फांसी की सजा होने के बावजूद, इस दूसरे मुकदमे का ट्रायल भी अपनी तय प्रक्रिया के तहत पूरा किया जाएगा।




