RTI की सूचना न देने पर नगर पंचायत महराजगंज के अधिशासी अधिकारी पर लगा 25 हजार का जुर्माना, वसूली तक वेतन रोकने का मिला निर्देश

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संवाददाता : मनोज दुबे
आजमगढ़ जनपद के नगर पंचायत महराजगंज के अधिशासी अधिकारी एवं जन सूचना अधिकारी पर सूचना का अधिकार RTI अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने पर उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने अधिकारी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए वसूली तक वेतन रोकने का निर्देश दिया है। मामला नगर पंचायत क्षेत्र स्थित भैरो बाबा मंदिर परिसर में कराए जा रहे सुंदरीकरण एवं विकास कार्यों से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने का है। अपीलकर्ता जितेंद्र मौर्य ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6,1 के तहत जानकारी मांगी थी, लेकिन कई अवसर दिए जाने के बावजूद सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। राज्य सूचना आयुक्त पदुम नारायण द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में अपीलकर्ता की ओर से प्रतिनिधि अनूप कुमार दूबे उपस्थित हुए, जबकि प्रतिवादी अधिशासी अधिकारी अनुपस्थित रहे। आयोग ने पाया कि पूर्व में 29 अक्टूबर 2025, 8 जनवरी 2026 और 23 मार्च 2026 को भी सूचना उपलब्ध कराने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया। आयोग ने इसे सूचना का अधिकार अधिनियम की मंशा के विपरीत मानते हुए धारा 20,1 के तहत 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। साथ ही जिला कोषाधिकारी, आजमगढ़ को निर्देश दिया कि अर्थदंड की वसूली तक संबंधित अधिकारी का वेतन रोका जाए और वसूली के बाद ही वेतन का भुगतान किया जाए। आयोग ने अधिशासी अधिकारी को अंतिम अवसर देते हुए निर्देशित किया है कि 20 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई में मांगी गई सूचना एवं लिखित स्पष्टीकरण के साथ स्वयं उपस्थित हों। अन्यथा उनके विरुद्ध धारा 20, 2 के तहत विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए प्रकरण का निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा आयोग ने जिलाधिकारी, आजमगढ़ को भी निर्देशित किया है कि अगली सुनवाई में यह स्पष्ट करें कि अब तक सूचना उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई तथा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।