संवाददाता आशीष,सिह
*एंकर*
आजमगढ़ में लापरवाही पर जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के आदेश पर 3 अधिकारियों और 3 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। मामला लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में शिथिलता बरतने का है।
*संगालन / विस्तृत खबर*
*आजमगढ़* : जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन न करने और लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी *रविन्द्र कुमार* के आदेश पर 03 अधिकारियों और 03 कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।
*मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा* ने बताया कि अपर आयुक्त (वित्त), राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश, वाराणसी मंडल के अनुसार राजस्व परिषद की कुल 866 ऑडिट आपत्तियों में से अब तक 299 आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है। इसमें 237 पूर्व माह और 62 वर्तमान माह की आपत्तियां शामिल हैं। जबकि 567 ऑडिट आपत्तियां अभी भी लंबित हैं।
इसी तरह महालेखाकार की कुल 40 ऑडिट आपत्तियों में से 26 का निस्तारण हो चुका है और 14 आपत्तियां अभी लंबित हैं।
उन्होंने बताया कि लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर अनुपालन आख्या निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित तिथि *07 जुलाई 2026* तक संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की गई।
*जिनका रुका वेतन*
इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के आदेश पर निम्न का वेतन रोका गया है:
1. *तहसीलदार सगड़ी*
2. *तहसीलदार लालगंज*
3. *तहसीलदार मेहनगर*
4. *रामविलास यादव* – खन/आपदा लिपिक
5. *कमलुद्दीन खां* – मुख्य राजस्व लेखाकार, कलेक्ट्रेट
6. *मंगल* – वेतन लिपिक/ग्रामसभा, कलेक्ट्रेट
मुख्य राजस्व अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी लंबित आपत्तियों का निस्तारण कर आख्या प्रस्तुत नहीं की जाती, तब तक वेतन नहीं खोला जाएगा।
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