रिपोर्ट- नीरज शुक्ला (रामनगर बाराबंकी)
कस्बे के सरस्वती शिक्षा मंदिर में मंगलवार को आयोजित कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का आकर्षक संगम बन गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक प्रमोद कुमार उपाध्याय ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि प्रमोद पंकज ने प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने समसामयिक विषयों पर व्यंग्य से भरपूर कविताओं का पाठ कर सामाजिक विसंगतियों पर तीखा कटाक्ष किया। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया, वहीं सभागार तालियों की गूंज से देर तक गूंजता रहा।
इस अवसर पर शिक्षक राजेश त्रिपाठी ने अपनी संवेदनशील कविता के माध्यम से समाज में बदलते विचारों और मानवीय मूल्यों पर चिंतन प्रस्तुत किया। उनकी रचना को भी उपस्थित लोगों ने सराहना के साथ सुना।
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंधक प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजनों से विद्यार्थियों में भाषा, संस्कृति और रचनात्मक सोच का विकास होता है तथा नई पीढ़ी भारतीय संस्कारों से जुड़ती है। उन्होंने भविष्य में भी विद्यालय में इसी प्रकार के साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों, कवियों और उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अमिता गुप्ता, राधेश्याम त्रिपाठी, चंद्रमौली त्रिपाठी, रवि सोनी, राजेश त्रिपाठी, पारुल त्रिपाठी, प्रगति सोनी, तान्या शुक्ला, संध्या शर्मा सहित विद्यालय परिवार एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




