रसड़ा में दुष्कर्म मुकदमे पर बढ़ा बवाल: जांच पर उठे सवाल, आरोपी अशरफ जौहरी फरार, पीड़िता बोली- “मुझे न्याय चाहिए”
रसड़ा (बलिया)। रसड़ा कोतवाली क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के एक गंभीर मुकदमे ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में नामजद आरोपी अशरफ जौहरी उर्फ टिंकू की गिरफ्तारी न होने को लेकर पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि स्थानीय पत्रकारों में भी आरोपी के कथित अमर्यादित व्यवहार को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व एक महिला ने अशरफ जौहरी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में व्यापक चर्चा शुरू हो गई और विभिन्न समाचार माध्यमों ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी लंबे समय तक खुलेआम बाजार में घूमता रहा और अपनी दुकान पर बैठकर सामान्य गतिविधियां करता रहा। महिला का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होती तो आरोपी कानून की पकड़ से बाहर नहीं जाता। उसने यह भी आरोप लगाया कि विवेचना में निष्पक्षता नहीं दिखाई जा रही है तथा आरोपी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
उधर, पत्रकारों के बीच भी इस मामले को लेकर रोष व्याप्त है। आरोप है कि आरोपी ने एक पत्रकार के खिलाफ फोन कॉल और अन्य माध्यमों से अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणियां कीं। इस घटना को लेकर पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों ने कड़ी आपत्ति जताई है तथा पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
स्थानीय सूत्रों की मानें तो मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी अशरफ जौहरी उर्फ टिंकू क्षेत्र छोड़कर फरार हो गया है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी या फरारी को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
दुष्कर्म जैसे संवेदनशील और गंभीर मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होना क्षेत्र में चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है। आमजन, पत्रकार और पीड़ित पक्ष अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि कानून का भय समाप्त हो गया तो पीड़ितों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहेगा? क्या पीड़िता को समयबद्ध न्याय मिलेगा? और क्या जांच पूरी निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ेगी?
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है, लेकिन क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पत्रकारों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग तेज कर दी है।




