रसड़ा में भी धड़ल्ले से चल रहे अवैध होटल और लॉज, कार्रवाई कब?
रसड़ा (बलिया)। दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण होटल अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में बलिया जिला प्रशासन भी सक्रिय दिखाई दे रहा है। शहर क्षेत्र में बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित दो लॉजों को सील किए जाने के बाद अब रसड़ा क्षेत्र में संचालित हो रहे होटल और लॉजों की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारों की मानें तो कुछ माह पूर्व भी जिले में होटल और लॉजों के पंजीकरण, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच की बात सामने आई थी। उस दौरान कई प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं मिलने की चर्चा रही, लेकिन कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रही। आरोप है कि ठोस कार्रवाई के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
दिल्ली अग्निकांड के बाद एक बार फिर प्रशासन हरकत में आया है। बलिया शहर में जांच अभियान चलाकर दो लॉजों को सील किया गया, जबकि जांच की भनक लगते ही कई संचालकों ने अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिरा दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस, पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के किसी भी होटल या लॉज का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल रसड़ा को लेकर उठ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, मुख्य बाजार तथा अन्य व्यस्त इलाकों के आसपास कई होटल, लॉज और किराये के ठिकाने संचालित हो रहे हैं, जिनकी वैधता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कभी गंभीर जांच नहीं हुई। यदि शहर में कार्रवाई संभव है तो रसड़ा क्षेत्र को इससे बाहर क्यों रखा जा रहा है?
लोगों का कहना है कि आग जैसी किसी आपात स्थिति में कई प्रतिष्ठानों में न तो पर्याप्त निकास व्यवस्था है और न ही अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित है। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, उपजिलाधिकारी और पुलिस विभाग से मांग की है कि रसड़ा क्षेत्र में भी विशेष अभियान चलाकर सभी होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों की जांच कराई जाए। जो प्रतिष्ठान बिना पंजीकरण, लाइसेंस अथवा सुरक्षा मानकों के संचालित पाए जाएं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल क्षेत्र में यही चर्चा है कि जब बलिया शहर में कार्रवाई हो सकती है तो रसड़ा के संदिग्ध और नियमविहीन होटल-लॉजों पर प्रशासन का बुलडोजर कब चलेगा?
(नोट : यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा उठाए जा रहे सवालों और जांच की मांग पर आधारित है। किसी भी प्रतिष्ठान के अवैध होने की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही मानी जाएगी।)




