नीरज शुक्ला/ सूर्यभान सिंह
रामनगर बाराबंकी:
संस्कार सामाजिक समरसता संस्कृति सनातन धर्म का हिस्सा है। प्राचीन काल से ही जिसका बोध कराने में माताओं एवं बहनों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है उक्त बातें जूना अखाड़ा के संतजीत गिरी महाराज ने रामनगर कस्बा स्थित अटौटा में चल रही सात दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं भागवत कथा के समापन अवसर पर मंगलवार को आयोजित विशाल भंडारे एवं सांस्कृतिक संध्या के शुभारंभ अवसर पर कही। विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री डॉ राजेंद्र प्रसाद ने संस्कार एवं सामाजिक समरसता का भाव बच्चों एवं युवाओं में जागृत करने पर भी जोर देते हुए कहा कि संस्कारवान युवा ही समृद्धवान प्राचीन सनातन धर्म संस्कृति को संजोकर धर्मांतरण लव जिहाद जैसी धर्म विरोधी घटनाओं को रोक सकते हैं।

भंडारे में हजारों की संख्या में भक्तों ने छोला चावल पूड़ी सब्जी व बूंदी का प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रारंभ गणेश वंदना से हुआ। ग्रामीण अंचल के कलाकारों ने मंच पर विविध प्रकार की प्रस्तुतियां देकर खूब वाह वाही लूटी। राधा कृष्ण,सीता राम,गौरी शंकर सहित देवी देवताओं के विविध स्वरूपों में कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर आए हुए भक्तों को भाव विभोर कर दिया।विश्व हिंदू परिषद जिला मंत्री राहुल कुमार वर्मा के संचालन में आयोजक रामवती वर्मा व संचालक बबलू वर्मा ने आए हुए पत्रकारों एवं बेहतर सहयोग करने वालों को अंग वस्त्र एवं प्रसाद टिफिन देकर सम्मानित किया।

इस मौके पर डॉ रामखेलावन वर्मा निर्मल मिश्रा मनीष हिमांशु रजनीश दिनेश कल्लू संतोष डीजे गोलू अंशु सहित भारी संख्या में देर रात रमाकांत भक्तों का जमावड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम में लग रहा।
बुधवार को गाजे बाजे के साथ धूमधाम से महामाई के भक्तों ने रामपुर महासिंह स्थित राजा साहब के तालाब में प्रतिमाएं विसर्जित की। विसर्जन के मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा।





