संवाद दाता:-नियाज खान
वाराणसी। आज दिनांक 25 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय गुलाब बाग पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के उपलक्ष में एक गोष्ठी का आयोजन महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि की अध्यक्षता में संपन्न हुई lबैठक में मुख्य अतिथि मिर्जापुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मनोज जायसवाल जी रहे lमुख्य अतिथि ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, पंडित दीनदयाल जी का जन्म बचपन से ही संघर्ष का रहा l ढाई साल की उम्र में उनकी माताजी एवं 8 साल की उम्र में पिताजी का देहावसान हो गया l उनका लालन पालन ननिहाल में हुआ l जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कांग्रेस के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया , और जनसंघ की स्थापना की तो, संस्थापक सदस्यों में पंडित दीनदयाल जी भी एक रहे l लोकसभा का चुनाव जौनपुर से लड़ रहे थे , और रिक्शे से प्रचार कर रहे थे, उस समय किसी ने कहा बगल में पंडित बस्ती है अगर वहां प्रचार करेंगे तो हमें चुनाव में ज्यादा फायदा होगा, इस पर पंडित जी ने कहा हम जाति के आधार पर चुनाव नहीं लड़ेंगे lहिंदू जात नहीं है, धर्म नहीं है ,राष्ट्रीय संस्कृति है lपंडित जी ने कहा था इस माटी में खेलो ,इस माटी के लिए जीयो और इस माटी के लिए समर्पित रहो l उनकी कल्पना थी कि एक दिन भारत में भगवा जरूर लहराएगा और वह परिकल्पना आज साकार हुई, जब देश में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी lपंडित दीनदयाल जी का मत था कि देश हमारा आर्थिक और रक्षा के क्षेत्र में भी मजबूत होना चाहिएl आज हम उनके विचारों को आत्मसात करके रक्षा की सामग्री 50 से ज्यादा देशों को आपूर्ति कर रहे हैं lआज हम पंडित जी का जन्मदिवस हर बूथ पर मना रहे हैं एवं एक पेड़ मां के नाम पर लगा रहे हैं lपंडित जी का सिद्धांत राष्ट्र प्रथम और हम इस सिद्धांत पर कार्य कर रहे हैं l स्वदेशी आर्थिक मॉडल को अपनाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एकात्म-मानववाद को रेखांकित किया। इसमें समावेशी और जन समुदाय को सशक्त बनाने का विचार था। उनका मानना था कि स्वदेशी और लघु उद्योग भारत की आर्थिक योजना की आधारशिला होनी चाहिए, lपंडित जी के सिद्धांतों को हम अपने जीवन में उतारे यही हमारा सबसे निवेदन है एवं यही दीनदयाल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है l
गोष्ठी को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एकात्म मानववाद के प्रणेता थे, उनका जन्म दिवस हम अंत्योदय दिवस के रूप में मना रहे हैं lपंडित जी ने कहा था जब तक समाज मेआखिरी पायदान पर खड़ा व्यक्ति शिखर पर नहीं पहुंच जाता तब तक जनसंघ का कार्य समाप्त नहीं होता lभारतीय जनता पार्टी राष्ट्र सेवा के लिए विपरीत परिस्थितियों में भी हमेशा तैयार रहती है lउन्होंने एकात्म मानववाद के सिद्धांतों पर समाज को एक दर्शन दियाl महात्मा गांधी जी ने राम राज्य की परिकल्पना की थी lपंडित दीनदयाल जी ने कहा था व्यक्ति का विकास सामाजिक एवं आर्थिक तथा आध्यात्मिक होना चाहिएl आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार पंडित दीनदयाल जी के पद चिन्हों पर चलते हुए देश का सर्वांगीण विकास कर रही हैl
गोष्ठी को संबोधित करते हुए शहर दक्षिणी के विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय सादा जीवन, उच्च विचार और दृढ़ संकल्प व्यक्तित्व के धनी थे। वे एक मेधावी छात्र, संगठक लेखक, पत्रकार, विचारक, राष्ट्रवादी और एक उत्कृष्ट मानवतावादी थे। उनके सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन में सबसे कमजोर और सबसे गरीब व्यक्ति की चिन्ता सदैव कचोटती थी।
गरीबों व माँ भारती की सेवा करने के भाव को लेकर जबरदस्त उत्साह, जज्बे, जुनून और दृढ़ विश्वास के साथ, वे 1937 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) में शामिल हुए। इसके बाद जनसंघ के महासचिव के रूप में राजनीति में कदम रखा और 29 दिसम्बर 1967 को जनसंघ के अध्यक्ष बने।
। पूंजीवाद और समाजवाद की जगह पण्डित दीन दयाल उपाध्याय ने स्वराज के रूप में गांधी जी द्वारा परिकल्पित नैतिक मूल्यों और लोकव्यवहार के आधार पर आर्थिक नीतियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके लिए राजनीति जन सेवा का माध्यम थी। वे कहते थे कि राजनीतिक व्यक्ति को जन सेवक के रूप कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन जगदीश त्रिपाठी ने किया कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में महापौर अशोक तिवारी नवीन कपूर अशोक पटेल अशोक जाटव आलोक श्रीवास्तव चंद्रशेखर उपाध्याय राहुल सिंह रननजय सिंह अवधेश राय संजय कुमार विनोद गुप्ता आत्मा विश्वेश्वर गीता शास्त्री कुसुम सिंह पटेल साधना वेदांती अनीशा शाही अजय गुप्ता राकेश जयसवाल अनिल उपाध्याय अवनीश पांडे विनय सिंह योगेश वर्मा शशांक अग्रवाल अशोक कुमार पांडे आदि लोग रहे l




