पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा सैनिक सम्मेलन व मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की

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संवाद दाता:-सलीम जावेद 

वाराणसी। दिनांक- 16/05/2026 पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट श्री मोहित अग्रवाल द्वारा सैनिक सम्मेलन व मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की गई आयोजित, SOG-02 भंग, कई थाना प्रभारी इधर से उधर, कार्य में लापरवाही करने वालों पर गिरी गाज ।

पुलिस आयुक्त महोदय का स्पष्ट संदेश: जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।”

पुलिस आयुक्त द्वारा SOG-02 को भंग कर समस्त कर्मियों को पुलिस लाइन से अटैच किया गया बाद में नये सिरे से गठन किया जायेगा। प्रदर्शन आधारित जवाबदेही तय करते हुए निष्क्रियता पर सख्त रुख अपनाया गया। अब वही थानाध्यक्ष पद पर बना रहेगा, जो उत्कृष्ट कार्य, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण में सफल होगा।

क्र0सं0 नाम कहाँ से कहाँ को

1 नि0 श्री प्रमोद कुमार पाण्डेय प्रभारी निरीक्षक मिर्जामुराद पुलिस लाइन

2 नि0 श्री गोपाल जी कुशवाहा थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक मिर्जामुराद

03 नि0 शिवाकान्त मिश्रा प्रभारी निरीक्षक कैंट प्रभारी निरीक्षक सिगरा

04 नि0 संजय कुमार मिश्र प्रभारी निरीक्षक सिगरा प्रभारी निरीक्षक रामनगर

05 नि0 राजकिशोर पाण्डेय प्रभारी निरीक्षक रामनगर प्रभारी निरीक्षक कैंट

06 उ0नि0 कुमार गौरव सिंह चौकी प्रभारी रोडवेज, थाना सिगरा पुलिस लाइन

07 उ0नि0 विकास सिंह पीआरओ, श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय चौकी प्रभारी रोडवेज, थाना सिगरा

सैनिक सम्मेलन

 पुलिस आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि पूर्व में प्राप्त समस्त समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा सम्मेलन में प्रस्तुत नई समस्याओं को प्राथमिकता से सुनकर समाधान कराया जाए।

 एनपीएस, आवास, मूलभूत सुविधाओं एवं कर्मचारी कल्याण से जुड़ी समस्याओं का परीक्षण कर संबंधित शाखाएं शीघ्र प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।

 रिक्रूट आरक्षियों के लिए सभी थानाध्यक्षों की आवास व उनके एचआरए संबंधी समस्याओं को समाधान कराने हेतु निर्देशित किया गया।

अपराध समीक्षा

 पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा समस्त थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि रिक्रूट आरक्षियों को सोशल मीडिया पॉलिसी के संबंध में जानकारी दें तथा उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएं। 

 समस्त थानाध्यक्ष रिक्रूट आरक्षियों को प्रतिदिन 06 घंटे इनडोर एवं 06 घंटे आउटडोर प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें थाना स्तर पर संपादित होने वाले समस्त कार्यों, बीट ड्यूटी, जनसंपर्क एवं क्षेत्रीय उत्तरदायित्वों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित करें। साथ ही पुराने बीट आरक्षियों के साथ बीट आवंटित कर कार्यों का गंभीरतापूर्वक पालन कराया जाए।

 इनडोर प्रशिक्षण के अंतर्गत रिक्रूट आरक्षियों को सीसीटीएनएस संबंधी कार्यों एवं थानों पर संधारित विभिन्न रजिस्टरों, जैसे ग्राम अपराध रजिस्टर, एचएस रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, एनसीआर रजिस्टर एवं गुमशुदगी रजिस्टर आदि के संबंध में विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाए, जिससे उनकी कार्यकुशलता एवं अभिलेखीय समझ विकसित हो सके।  

 ई-समन पोर्टल पर लंबित समनों को तत्काल संबंधित अधिकारी को आवंटित कर समयबद्ध तामिला सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार वापस किया जाए।

 यक्ष ऐप का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा सभी कर्मियों को इसकी कार्यप्रणाली से पूर्णतः प्रशिक्षित किया जाए।

यातायात व्यवस्था –

• Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme अंतर्गत चिन्हित दस प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखकर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाई जाए।

• प्रत्येक चिन्हित मार्ग पर नियुक्त ट्रैफिक मार्शल संबंधित थाना प्रभारी से समन्वय स्थापित कर जाम निवारण की सतत कार्यवाही करें।

• थाना प्रभारी एवं रूट मार्शल निर्धारित मार्गों पर RTC समय में कमी लाएं। परिणाम एवं कमियों की मासिक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल लागू किए जाएं

• तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट, रांग साइड एवं अन्य यातायात नियम उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।

• ZFD (Zero Fatality District) अभियान के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को शून्य करने हेतु यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही की जाए।

 समस्त थानाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि सभी ऐप, पोर्टल एवं डिजिटल व्यवस्थाओं की जानकारी निचले स्तर तक प्रत्येक कर्मचारी को हो।

 विवेचना कम्पलांस रेट को बढ़ाते हुए सामान्य मामलों में 60 दिवस तथा गंभीर मामलों में 90 दिवस के भीतर विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित की जाए।

 किसी भी प्रकार के मुकदमों को अनावश्यक लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित प्रगति समीक्षा की जाए।

 गोतस्करी, चोरी, नकबजनी, धोखाधड़ी, एनडीपीएस एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध गुण्डा एक्ट एवं गैंगस्टर की तत्काल कार्यवाही की जाए।

 महिला संबंधी अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए तथा त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

 व्यापारियों, उद्योग बंधुओं, पेंशनर्स एवं जनसाधारण के साथ नियमित बैठकें कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने जाएं।

 जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल प्राथमिकता के आधार पर रिसीव किए जाएं। यदि किसी कारणवश कॉल रिसीव न हो सके तो अवसर मिलते ही कॉल बैक कर उनकी बात गंभीरतापूर्वक सुनी जाए तथा वार्तालाप का व्यवहार सकारात्मक एवं शालीन रखा जाए। 

 गिरफ्तारी अथवा किसी भी घटना के घटित होते ही तत्काल उच्चाधिकारियों को तथ्यात्मक सूचना उपलब्ध कराई जाए तथा आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की जाए।

 आगामी त्योहार व परीक्षा के दृष्टिगत समस्त थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी को ब्रीफ किया गया व कानून व्यस्था को बनाये रखने हेतु दिशानिर्देश दिये गये। 

 समस्त अधिकारी आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण, तथ्यात्मक एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर संतुष्टि स्तर बढ़ाया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता बनाए रखते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाए।