- संवाददाता राम आशीष सिंह राठौड़ आजमगढ़
जमगढ़ में निजी स्कूलों के लिए नए सख्त निर्देश, मनमानी फीस पर लगेगी रोक -आजमगढ़ में निजी स्कूलों के लिए नए सख्त निर्देश, मनमानी फीस पर लगेगी रोक
#आजमगढ़ : जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने जिले के सभी निजी (स्ववित्तपोषित) स्कूलों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। यह आदेश उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन कानून 2018 और उसके 2020 संशोधन के तहत लागू किया गया है।
अब जिले के सभी मान्यता प्राप्त स्कूल—चाहे वे बेसिक, माध्यमिक, CBSE या ICSE बोर्ड से जुड़े हों—को अपनी फीस से जुड़ी पूरी जानकारी पहले से सार्वजनिक करनी होगी।
क्या हैं मुख्य निर्देश :
✅️ हर स्कूल को नए शैक्षणिक सत्र की एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर फीस का पूरा विवरण डालना होगा।
✅️स्कूल को यह भी बताना होगा कि फीस मासिक, तिमाही या छमाही किस्तों में ली जाएगी। सिर्फ सालाना फीस लेने की व्यवस्था नहीं की जा सकती।
✅️बिना अनुमति के कोई भी स्कूल सत्र के बीच में फीस नहीं बढ़ा सकता।
✅️हर फीस के बदले रसीद देना अनिवार्य होगा।
✅️स्कूल बच्चों या अभिभावकों को किसी खास दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म, जूते आदि खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
✅️स्कूल 5 साल से पहले यूनिफॉर्म नहीं बदल सकते। अगर बदलना हो तो पहले समिति से अनुमति लेनी होगी।
फीस बढ़ाने का नियम:
अगर कोई स्कूल फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे कम से कम 3 महीने पहले जिला शुल्क नियामक समिति को प्रस्ताव देना होगा और यह साबित करना होगा कि बढ़ोतरी जरूरी क्यों है।
नियम तोड़ने पर सजा:
☑️ पहली बार नियम तोड़ने पर स्कूल को ज्यादा ली गई फीस वापस करनी होगी और साथ ही 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।️
☑️ दूसरी बार गलती करने पर भी फीस वापस करनी होगी और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि इन नियमों से अभिभावकों को राहत मिलेगी और स्कूलों की मनमानी फीस वसूल�




