कटी उंगलियों के इलाज के बीच अस्पताल में बवाल, प्रबंधन बोला ‘सेवा की, बदले में मिली धमकी’

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आजमगढ़ मंडल ब्यूरो हेड रामनरायन राय उर्फ बबलू राय की खास रिपोर्ट 

कटी उंगलियों के इलाज के बीच अस्पताल में बवाल, प्रबंधन बोला ‘सेवा की, बदले में मिली धमकी’:

आजमगढ़ जनपद के कंधरापुर थाना क्षेत्र के जुनैदगंज स्थित श्याम हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में घायल युवक के इलाज को लेकर उठे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। पहले जहां मरीज पक्ष ने अस्पताल कर्मियों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, वहीं अब अस्पताल प्रबंधन ने प्रेस वार्ता के दौरान सारी हकीकत को सामने किया।

 अस्पताल के मैनेजर गरुड़ श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 27 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:15 बजे इंद्रेश यादव (18 वर्ष) पुत्र रामसुंदर यादव निवासी कसाड़ा (चुनहवा), थाना कोतवाली जीयनपुर को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। युवक के हाथ की दो उंगलियां कट गई थीं और लगातार खून बह रहा था।

उन्होंने बताया कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना देरी किए तत्काल उपचार शुरू किया। खून रोकने के लिए टांके लगाए गए और आवश्यक प्राथमिक उपचार किया गया। इसी दौरान मरीज के परिजनों ने युवक को किसी अन्य अस्पताल ले जाने की बात कही।

मैनेजर के मुताबिक, अस्पताल की ओर से परिजनों को साफ कहा गया कि वे मरीज को अपनी इच्छा अनुसार कहीं भी बेहतर इलाज के लिए ले जा सकते हैं। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल का लगभग 1700 रुपये शुल्क जमा किया, रसीद ली और मरीज को वहां से लेकर जाने लगे।

आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोग दोबारा अस्पताल पहुंचे और मैनेजर के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज करने लगे। इतना ही नहीं, जान से मारने की धमकी देने और अस्पताल के महिला व अन्य स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की करने का भी आरोप लगाया गया है।

गरुड़ श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने स्थिति को शांत करने की कोशिश की और हाथ जोड़कर लोगों से विवाद न करने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा। उन्होंने यह भी बताया कि मरीज को ले जाते समय परिजन जरूरी मेडिकल औपचारिकताएं भी पूरी नहीं कर सके।

उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह अस्पताल उन्होंने केवल व्यवसाय के लिए नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा के उद्देश्य से खोला है।

“हमारा मकसद इलाज करना है, विवाद करना नहीं। अगर कोई मरीज यहां आता है तो हम पूरी ईमानदारी से उसका उपचार करते हैं।”

अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में बलरामपुर पुलिस चौकी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रबंधन का कहना है कि उनके पास इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।