बड़े मंगलवार पर ब्रह्मस्थान में भव्य प्रसाद वितरण, पूर्व चेयरमैन वशिष्ठ नारायण सोनी ने निभाई सेवा की परंपरा। संवाददाता उमाकांत विश्वकर्मा

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बड़े मंगलवार पर ब्रह्मस्थान में भव्य प्रसाद वितरण, पूर्व चेयरमैन वशिष्ठ नारायण सोनी ने निभाई सेवा की परंपरा।

संवाददाता उमाकांत विश्वकर्मा

 

रसड़ा (बलिया)। ज्येष्ठ माह के छठवें दिन पड़ने वाले बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर नगर के ब्रह्मस्थान में भव्य प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन नगर पालिका परिषद रसड़ा के पूर्व चेयरमैन एवं समाजसेवी वशिष्ठ नारायण सोनी के सौजन्य से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीनाथ जी मठ के महंत एवं महामंडलेश्वर कौशलेंद्र गिरी महाराज तथा पूर्व चेयरमैन वशिष्ठ नारायण सोनी ने संयुक्त रूप से प्रसाद स्टॉल का फीता काटकर किया। इसके बाद बजरंगबली के जयघोष और भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण के बीच प्रसाद वितरण का क्रम प्रारंभ हुआ।

इस अवसर पर महंत कौशलेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि बड़े मंगलवार का दिन सेवा, श्रद्धा और जनकल्याण का संदेश देता है। उन्होंने संकट मोचन श्री हनुमान जी महाराज से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे समस्त भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम व्यवस्था और धर्ममय चेतना का संचार करें।

पूर्व चेयरमैन वशिष्ठ नारायण सोनी और महंत कौशलेंद्र गिरी महाराज ने स्वयं अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया तथा नगर एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने भक्तिभाव से प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की।

कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और जनसेवा की भावना भी देखने को मिली। आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें सुरेंद्र वर्मा, राजेश सोनी, मुन्ना सोनी, विवेक सोनी, विजय वर्मा, दुर्गेश गुप्ता, मनऊवर अली, अनिल सोनी, अविनाश सोनी और दाऊद अंसारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।

ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार को हिंदू धर्म में सेवा, दान और भक्तिभाव का विशेष महत्व माना जाता है। ब्रह्मस्थान में आयोजित इस भव्य प्रसाद वितरण कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान की, बल्कि समाज में एकता, सेवा और सद्भाव का संदेश भी दिया। स्थानीय जनता और प्रबुद्ध वर्ग ने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था तथा जनसेवा की भावना की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।