ब्रेकिंग न्यूज़ आजमगढ़,सगड़ी की आंखें फिर भर आएंगी, जब याद आएगा अपना ‘शेर’। 13 साल बाद भी दिलों में जिंदा हैं सगड़ी का शेर, जनता का दिलेर नेता सर्वेश सिंह ‘सीपू’। आज हम बात करेंगे एक ऐसे शख्सियत की जिनका समाजिक कार्यभार और जनसेवा आज भी लोगों के लिए मिसाल है।”

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*संवाददाता: राम,आशीष सिंह राठौर

 

 

 

*एंकर*

“19 जुलाई… जब सगड़ी की आंखें फिर भर आएंगी, जब याद आएगा अपना ‘शेर’। 13 साल बाद भी दिलों में जिंदा हैं सगड़ी का शेर, जनता का दिलेर नेता सर्वेश सिंह ‘सीपू’। आज हम बात करेंगे एक ऐसे शख्सियत की जिनका समाजिक कार्यभार और जनसेवा आज भी लोगों के लिए मिसाल है /

 

आजमगढ़ जनपद की सगड़ी विधानसभा क्षेत्र में 19 जुलाई का दिन हर साल भावुक कर देने वाला दिन होता है। इसी दिन क्षेत्र के लोकप्रिय नेता *स्व. सर्वेश सिंह ‘सीपू’* को हम सब ने खो दिया था। लेकिन 13 साल बीत जाने के बाद भी आज सीपू सिंह अपने कामों और अपने व्यवहार के कारण लोगों के दिलों में जिंदा हैं।

 

*परिचय और पहचान पत्र*

*नाम:* सर्वेश सिंह ‘सीपू’

*उपनाम:* सगड़ी का शेर, जनता का दिलेर नेता

*क्षेत्र:* सगड़ी विधानसभा, आजमगढ़

*पहचान:* एक जुझारू, संघर्षशील और जनता के सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले जननेता

 

*जीवनी और सामाजिक कार्यभार*

सीपू सिंह सिर्फ एक नेता नहीं थे, वो सगड़ी की आवाज थे। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में थी जो बिना भेदभाव के हर वर्ग के लिए खड़ा होता था।

 

*उनके प्रमुख सामाजिक कार्य:*

1. *जनसेवा:* गरीब, असहाय और जरूरतमंद की मदद के लिए हमेशा तत्पर। किसी की बेटी की शादी हो या बीमार का इलाज, सीपू सिंह सबसे आगे रहते थे।

2. *युवाओं के प्रेरणास्रोत:* खेल, शिक्षा और रोजगार के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करना उनका मिशन था।

3. *किसान और मजदूरों के हक की लड़ाई:* किसानों की समस्याओं और मजदूरों के शोषण के खिलाफ हमेशा मुखर रहे।

4. *सामाजिक समरसता:* जाति और धर्म से ऊपर उठकर पूरे क्षेत्र को एक परिवार की तरह जोड़कर रखना उनकी सबसे बड़ी खूबी थी।

 

इसीलिए लोग उन्हें “शेर” कहते थे। क्योंकि वो अन्याय के खिलाफ दहाड़ते थे और जनता के लिए ढाल बनकर खड़े होते थे।

 

*पुण्यतिथि कार्यक्रम 2026*

इस साल *19 जुलाई 2026* को उनकी पुण्यतिथि पर जीयनपुर स्थित उनके आवास पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

 

*कार्यक्रम:*

– *सुंदरकांड पाठ* – दोपहर 3:00 बजे से

– *प्रसाद ग्रहण* – शाम 7:00 बजे से

 

आयोजकों की अपील है कि अधिक से अधिक लोग उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करें।

“सीपू सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए समाजिक कार्य और उनकी जनसेवा की गाथा आज भी सगड़ी की गलियों में गूंजती है। 13 साल बाद भी लोग उन्हें उसी सम्मान और प्यार से याद करते हैं। यही एक सच्चे जननेता की पहचान होती है।”