मालदा चट्टी पर भगवान विश्वकर्मा मंदिर निर्माण रुका, विश्वकर्मा समाज में रोष। विश्वकर्मा महसभा के पदाधिकारियो ने किया निरीक्षण।

सिकंदरपुर (बलिया)। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के मालदा ग्रामसभा स्थित मालदा चट्टी पर भगवान विश्वकर्मा मंदिर के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने के कारण पुराने विश्वकर्मा मंदिर को हटाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके विकल्प के रूप में पूर्व उपजिलाधिकारी द्वारा मालदा चट्टी पर ही सरकारी भूमि को नए मंदिर निर्माण के लिए चिन्हित किया गया था, जिसके बाद विश्वकर्मा समाज के लोगों ने मंदिर की नींव खोदकर मिट्टी भराई का कार्य शुरू कर दिया था।
बताया जा रहा है कि ग्रामसभा के कुछ लोगों ने ग्राम प्रधान के माध्यम से उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर को प्रार्थना पत्र देकर निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई। इसके बाद नवागत उपजिलाधिकारी ने मामले की जांच तक निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
मंदिर निर्माण रुकने की सूचना मिलते ही विश्वकर्मा समाज के प्रमुख पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे। निरीक्षण करने वालों में भाजपा नेता एवं विश्वकर्मा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय शर्मा, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष विशाल शर्मा, समाजसेवी प्यारे श्याम शर्मा सहित अनेक लोग शामिल रहे।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय शर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा समस्त सृष्टि के शिल्पकार एवं करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनका सम्मान किसी एक जाति या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न धर्मों और समाजों के लोग उन्हें श्रद्धा से पूजते हैं। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ है वह सरकारी भूमि है और वहां पर्याप्त खाली स्थान उपलब्ध है। यदि कुछ लोगों द्वारा मंदिर निर्माण का विरोध किया जा रहा है, तो प्रशासन को उसी भूमि पर हुए अन्य अतिक्रमणों की भी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वकर्मा समाज अपनी आस्था के केंद्र के निर्माण के लिए लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से संघर्ष करेगा। समाज किसी के अधिकारों का हनन नहीं चाहता, लेकिन मंदिर निर्माण में अनावश्यक बाधा भी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और ग्राम प्रधान सकारात्मक पहल करें तो आपसी सहमति से समाधान निकाला जा सकता है।
मार्कण्डेय शर्मा ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान से बातचीत हुई है। ग्राम प्रधान ने उपजिलाधिकारी से वार्ता कर समाधान निकालने के लिए कुछ समय मांगा है। समाज को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ही उचित निर्णय लेकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करेगा।
विश्वकर्मा समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि मंदिर निर्माण के लिए चिन्हित भूमि पर अनावश्यक रोक जारी रही तो समाज कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा। क्षेत्र में यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।




